Latest post

मानवता और सद्भाव जैसे मूल्यों की स्थापना के लिए संकल्पबद्ध और सत्याग्रहबद्ध हैं : चंदन पाल

सर्व सेवा संघ परिसर जमींदोज मामला : न्याय के दीप जलाएं सत्याग्रह का 14वां दिन वाराणसी, 24 सितंबर। सर्व सेवा संघ परिसर के जमींदोज के मामले में एक वर्ष पूर्ण होने पर सर्व सेवा संघ के परिसर में न्याय के…

खेती : संकट में सोयाबीन

रोजमर्रा के भोजन में आमतौर पर कम हैसियत रखने वाली बाजार-हितैषी सोयाबीन के किसानों पर आजकल भारी संकट तारी है। लागत, मेहनत और परिवहन-भंडारण की उन्हें इतनी कम कीमत मिल रही है कि वे दूसरी कतिपय फसलों की तरह सोयाबीन…

55वीं वर्षगांठ : सामाजिक सरोकारों के लिए है, ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’

करीब साढ़े पांच दशक पहले महाविद्यालयीन युवाओं में समाज के प्रति सरोकार बढ़ाने की खातिर, 1948 में गठित ‘राष्ट्रीय कैडेट कोर’ (एनसीसी) के समकक्ष ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (एनएसएस) का गठन किया गया था। प्रस्तुत है, ‘एनएसएस’ की 55 वीं वर्षगांठ…

सर्व सेवा संघ परिसर ध्‍वस्‍तीकरण : सत्याग्रह का उद्देश्य सत्य को मजबूत करना है

सौ दिनी सत्याग्रह का ग्‍यारह वें दिन में प्रवेश वाराणसी, 21 सितंबर। सर्व सेवा संघ के परिसर के ध्‍वस्‍तीकरण के एक वर्ष पूर्ण होने पर चल रहा 100 दिनी सत्याग्रह आज अपने 11 वें दिन में प्रवेश कर गया। सत्याग्रह…

खेती को खोखला कर देंगी, जीएम फसलें

दबावों के बावजूद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 27 देशों समेत कई देशों में प्रतिबंधित ‘जीनेटिकली मॉडीफाइड’ फसलों को दुनियाभर में पैदावार बढ़ाने के तर्क की बुनियाद पर फैलाया जा रहा है, हालांकि सब जानते हैं कि इसके पीछे अमरीकी बहुराष्ट्रीय…

तनावपूर्ण मनःस्थिति को त्यागना काल धर्म है

आज की दुनिया में मनुष्य का जीवन अपनी ही बनाई असाधारण मानसिक तनाव की सुनामी से हमेशा अशांत रहने लगा है। अकारण अनियंत्रित गुस्सा आत्मघाती ही सिद्ध होता है। प्राचीन काल से मनुष्य समाज के मन, चिंतन और जीवन क्रम…

स्मितु कोठारी फ़ेलोशिप 2024 के लिए आवेदन आमंत्रित

नईदिल्‍ली । सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकॉउंटेबिलिटी द्वारा सातवीं स्मितु कोठारी फ़ेलोशिप 2024 के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। संस्‍थान पिछले 7 वर्षों से स्मितु कोठारी फ़ेलोशिप प्रदान करता आ रहा है। इस फेलोशीप का मकसद महिलाओं, दलितों, मुसलमानों,…

क्रिएटर ने एक बहुत हसीन चीज बनाई है औरत : एम एफ़ हुसैन

जन्मदिन पर याद : बातचीत (समापन किश्त) भगवान विट्ठल(कृष्ण)और रुक्मिणी के पवित्र तीर्थस्थल पंढरपुर ( जिसे दक्षिण काशी भी कहते हैं) में 1915 में जन्म लेकर ईसाइयों के मुल्क इंग्लैंड के शहर लंदन में अंतिम सांस लेने वाले हुसैन साहब…

Bihar : नादानी के बांध, बैराज और तटबंध

डेढ़-दो सौ साल पहले से कहा जाने लगा है कि नेपाल से उतरने वाली नदियां बिहार में कहर ढाती हैं (हालांकि 1870 के पहले बिहार में बाढ़ को कोई नहीं जानता था) और उनसे निपटने के लिए बड़े बांध, बैराज…

भारत के कल्चर का एसेंस है सेलिब्रेशन : एम एफ़ हुसैन

जन्मदिन पर याद : बातचीत भाग -2 हुसैन साहब से जब बात करते हैं तो वे लगने ही नहीं देते हैं कि आप दुनिया के किसी बहुत बड़े पेंटर से मुखातिब हैं ! ऐसा महसूस कराते हैं जैसे किसी पहुँचे…