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‘महात्मा गांधी की दृष्टि, राधाकृष्ण का उद्यम’ पुस्तक का लोकार्पण 7 अक्‍टूबर को

पुस्तक प्रख्यात गांधीवादी विचारक के.एस. राधाकृष्ण के जीवन को समर्पित नई दिल्ली। प्रख्यात गांधीवादी विचारक व महात्मा गांधी के अनुयायी के.एस. राधाकृष्ण के जीवन को समर्पित ‘महात्मा गांधी की दृष्टि, राधाकृष्ण का उद्यम ‌: जीवन, विचार व कार्य’ पुस्तक का…

जातिवाद के विरोधी और धर्म निरपेक्षता के सबसे बड़े हामी थे गाँधी

इंदौर। गाँधी एक ऐसे कालजयी व्यक्तितव का नाम है जिसने भारत की हज़ारों वर्ष पुरानी संस्कृति का न केवल साक्षात्कर किया, उसकी तुलना में दुनियाभर के बाकी महापुरुष बोने साबित होते हैं। स्त्री- पुरुष के भेद को सबसे पहले खत्म…

गांधी का ‘डांडी मार्च‘ ‘डंडा मार्च’ में बदल दिया गया है !

प्रसंग : गांधी जयंती अलग-अलग दलों और धड़ों में बँटा देश का राजनीतिक नेतृत्व गांधी और उनके विचारों को काफ़ी पीछे छोड़ चुका है। उसके लिए ज़रूरत सिर्फ़ गांधी के आश्रमों (सेवाग्राम और साबरमती) के आधुनिकीकरण या उन्हें भी ‘सेंट्रल…

गांधी जयंती : गांधीजी की फकीरी  

आम लोगों से भिन्न गांधीजी का पहनना-ओढ़ना भी एक व्यापक राजनीतिक-सामाजिक कार्रवाई का हिस्सा होता था। दक्षिण भारत की यात्रा के दौरान पारंपरिक काठियावाडी वस्त्रों को छोड़कर लंगोट धारण करना उनकी ऐसी ही एक पहल थी। कैसे हुआ,यह बदलाव? गांधीजी…

155 वीं गांधी जयंती : याद रखें हम गांधीजी को

अपने रोजमर्रा के आम-फहम जीवन से लगाकर दुनिया भर के ताने-बाने तक, गांधी की दखल बेहद प्रासंगिक और जरूरी दिखाई देती है। एक लिहाज से देखें तो स्थानीय से लगाकर वैश्विक समाज तक, गांधी से कुछ-न-कुछ सीख-समझ सकता है। कैसे…

महात्‍मा गांधी : व्यक्ति नहीं, एक विचार

आचार्य विनोबा भावे गांधी को समझने के लिए विनोबा से बेहतर कौन हो सकता है? जिन्हें खुद गांधी ने ‘पहला सत्याग्रही’ माना हो, वे गांधी को दैवीय महापुरुष की बजाए एक इंसान मानते थे। ‘सप्रेस’ के दस्तावेजों में 1973 में…

Treewilding Book : वनों की बहाली केवल वृक्षारोपण से संभव नहीं

पेड़ों का अस्तित्व धरती पर लगभग 40 करोड़ वर्षों से है। तब से पेड़ कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुके हैं। चाहे वह उल्का की टक्कर हो या शीत युग, पेड़ धरती पर टिके रहे। लेकिन अब उन्हें खतरा…

रांची में तीस हस्तियां अनुपम मिश्र राष्ट्रीय पर्यावरण सेवी सम्मान से सम्‍मानित

लोकशक्ति को जागरूक कर ही बचाया जा सकता है पर्यावरण : सम्‍मानित हस्तियों का वक्‍तव्‍य रांची, 30 सितंबर। देश को खुशहाल बनाने के लिए न सिर्फ प्राकृतिक पर्यावरण संरक्षण करना होगा बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रदूषण से भी मुक्ति के…

इतिहास : सौ साल पहले पुणे के अस्पताल में हुआ था गांधी जी का ऑपरेशन

पुणे के एक अस्‍पताल के जिस वार्ड में गांधी जी का ऑपरेशन हुआ था उसे राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। बहुत कम लोगों को मालूम है कि गांधी का कभी किसी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ।…

गांधी ने प्रार्थना को मंदिर और पूजा घरों से बाहर निकाला, समस्याओं का समाधान गांधी मार्ग से ही संभव

सेवा सुरभि द्वारा गांधी जयंती की पूर्व बेला में गांधीवादी चिंतक कुमार प्रशांत का व्याख्यान इंदौर, 29 सितम्बर। जहां कहीं हिंसा, अन्याय, अत्याचार एवं शोषण होता है, वहां लोग गांधी की तस्वीर लेकर विरोध करते हैं, क्योंकि गांधी ने हमेशा…