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डॉक्टरों की बढ़ती आत्महत्याएं : चिकित्सकों को चिकित्सा की जरूरत

भांति-भांति की सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक समस्याओं के अलावा खुद के मुकाबले मरीजों की बढ़ती संख्या डॉक्टरों को गहरे तनाव का शिकार बना रही है। नतीजे में जीवन देने वाले डॉक्टर खुद अपनी जान लेने को उतारू हो रहे हैं। आखिर क्यों हो…

नर्मदा संरक्षण के लिए जरूरी नहीं है, “भक्‍त” होना

राजेन्द्र जोशी दुनियाभर में हमारा देश अकेला है जहां नदियों की भक्ति को अहमियत दी जाती है। चार फरवरी को ‘नर्मदा जयन्ती’ है जिसमें हम हर साल की तरह फिर नर्मदा को भक्तिभाव से याद करेंगे, लेकिन क्या इस कर्मकांड…

वैश्विक स्तर पर नई क्रांति की रचना में जुटा है भारत परिवार

चिंतन सम्मेलन में देश भर से जुटे दो सौ से ज्यादा चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता देश के आम लोगों को अब जगाने की ज्यादा जरूरत है क्योंकि सभी प्राकृतिक संसाधनों पर पूंजीपतियों का कब्जा हो रहा है। सरकारें तमाशबीन बनी…

विचार : विकल्प के लिए विश्व-सरकार

दुनिया भर के जीवन पर मंडराते जलवायु परिवर्तन और परमाणु हथियारों के खतरों से कैसे निपटा जा सकता है? क्या इसके लिए ‘विश्व-सरकार’ का गठन कारगर हो सकता है? कैसी हो सकती है, ऐसी सरकार? इसी की पड़ताल करता भारत…

जागरूकता से ही होगा कैंसर रोग पर नियंत्रण 

कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस का जन्म 4 फरवरी 2000 को पेरिस में न्यू मिलेनियम के…

इप्टा : वहाँ भी दिल धड़कते हैं मोहब्बत साँस लेती है

गुजरात में हरिशंकर परसाई के नाटक का मंचन और इप्टा का गठन विनीत तिवारी भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा पिछले बरस ‘ढाई आखर प्रेम’ यात्रा निकाली गई और गुजरात में यात्रा को संभव करने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गई…

जन स्वास्थ्य की लगातार अनदेखी करता आम बजट : जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया  

भोपाल, 3 फरवरी। मध्यम वर्ग के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास आज के समय में बडी चुनौती है और जनता को इस केंद्रीय आम बजट से बड़ी उम्मीदें थी परंतु हर बार की तरह ही इस बार भी स्वास्थ्य के…

आज दुनिया को एक ग्लोबल विलेज की तरह सामूहिक जिम्मेदारी से चलाने की आवश्यकता

‘वर्तमान दौर में शांति और मानव गरिमा’ विषय पर आयोजित जन-संवाद में डॉ. एवलिन ग्रेडा लिंडनर इंदौर, 2 फरवरी। एक व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के रूप में हमें सामूहिक जिम्मेदारी से गरिमामय वैश्विक सहयोग की ओर बढ़ना होगा। दुनिया को…

आर्द्रभूमि को संरक्षित करने का सार्थक प्रयास आवश्यक

‘वेटलेंड’ यानि आर्द्रभूमि के नाम से पहचाने जाने वाले अपने आसपास के ताल-तलैया, विशाल जलाशय और तटीय इलाके हजारों हजार जैविक इकाइयों का ठिकाना भर नहीं होते, बल्कि उनके भरोसे आज के सबसे बड़े जलवायु परिवर्तन के संकट से भी…