मध्यप्रदेश के जाने-माने पर्यावरणविद्, लेखक और सामाजसेवी डॉ.ओ.पी. जोशी की पेडों पर हाल में आई किताब ‘बहु आयामी पेड़’ अपने अनूठे अंदाज में पेडों से जुड़ी विविध जानकारी देती है। पेड़ों से जुड़ा कोई प्रसंग इससे अछूता नहीं है, चाहे वह…
महाकुंभ प्रयागराज में पानी पंचायत पुस्तक का विमोचन महाकुंभ प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘‘कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन’’ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से विद्वानों, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, संतों, विधायक, सांसद आदि ने भाग…
श्री काशिनाथ त्रिवेदी स्मृति व्याख्यान : सक्षम भारत में बाल शिक्षा का महत्व इंदौर 16 फरवरी। किसी भी देश की समृद्धि और प्रगति का आधार वहां की शिक्षा प्रणाली होती है और भारत जैसे विशाल युवा जनसंख्या वाले देश के…
नया टैक्स बिल 2025 कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का प्रयास करता है। यह डिजिटल कराधान, क्रिप्टोकरेंसी और अनिवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों को स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हालाँकि, इसमें निजता की…
‘शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट’ यानि ‘एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट’ (‘असर’) 2005 से एक एनजीओ ‘प्रथम’ द्वारा हर दूसरे साल प्रकाशित की जाती है। ‘असर’ एक नागरिक पहल पर होने वाला घरेलू सर्वेक्षण है जो बच्चों की स्कूली शिक्षा…
सत्ता पर काबिज होने की ललक ने हमारी राजनीतिक जमातों को साम्प्रदायिक बना डाला है, लेकिन क्या इससे हम एक बेहतर समाज बना पाएंगे? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता कुलभूषण उपमन्यु का यह लेख। हम भाजपाई हो सकते हैं…
देहरादून, 15 फरवरी। चिपको आंदोलन एवं गांधी विचारों के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले सुंदरलाल बहुगुणा की पत्नी विमला बहुगुणा का बीते 14 फरवरी को 2:10 मिनट पर देहान्त हो गया। शनिवार 5 फरवरी को उनकी देह पंचतत्व…
आजादी के बाद जिस अवधारणा को बार-बार याद करने की जरूरत है, वह स्वराज है। गांधी की मार्फत आई हमारे देसी समाज की यह अवधारणा अनेक संकटों की समझ देकर उनसे निजात दिला सकती है। कुछ समाजसेवी हैं जो यदा-कदा…
प्रो. आर के जैन “अरिजीत” मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में 12 फ़रवरी की सुबह जब सूरज अपनी स्वर्णिम किरणें बिखेरता है, तब नर्मदा के पावन तट पर एक ऐतिहासिक आयोजन सजीव हो उठता है—सर्वोदय मेला। यह मेला केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, कस्तूरबा…