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‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा : ऐतिहासिक कालाकांकर में पदयात्रियों ने जलाई कॉर्पोरेट सामानों की होली

प्रतापगढ़, 13 अक्टूबर। सर्व सेवा संघ की नेतृत्व में जारी ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आज 12वें दिन सुबह मानिकपुर के ज्वाला देवी धर्मशाला से निकलकर आलापुर पहुंची, जहाँ डॉ. अनुज सोनकर के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पदयात्रियों…

कुंडा, प्रतापगढ़ में हुआ ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा का स्वागत 

‘एक कदम गांधी के साथ’ वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का 11 दिन मानिकपुर, 12 अक्टूबर। सर्व सेवा संघ की नेतृत्व में 2 अक्टूबर को राजघाट, वाराणसी से शुरू हुई ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 11वें…

श्रम शिविर स्थित 125 वर्षीय इमली के वृक्ष को ‘धरोहर वृक्ष’ घोषित करने की मांग की

इंदौर, 12 अक्‍टूबर। पर्यावरण संरक्षण हेतु जनआंदोलन के रूप में स्‍थापित पर्यावरण नागरिक मंच, इंदौर की साधारण सभा का आयोजन श्रम शिविर, जेल रोड, इंदौर में किया गया। सभा का मुख्य उद्देश्य शहर में पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षों पर हो…

जेपी क्रांति को नैतिक व शास्वत प्रक्रिया मानते थे – रघु ठाकुर

लेखक शिवदयाल की पुस्तक ‘ जयप्रकाश : परिवर्तन की वैचारिकी ‘ का हुआ विमोचन भोपाल, 11 अक्टूबर। ‘ लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाज को मानसिक रूप से बदलने में विश्वास रखते थे। वे क्रांति को नैतिक और शास्वत प्रक्रिया में देखना…

‘‘एक कदम गांधी के साथ’’ पदयात्रा में गूंजा संदेश — अमन, आज़ादी और संवाद की रक्षा के लिए चल पड़ा कारवां

पदयात्रा के 10 वें दिन लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती पर पदयात्रियों ने लिया लोकतंत्र बचाने का संकल्प गोपालगंज, 11 अक्टूबर।  सर्व सेवा संघ के आव्‍हान पर ‘एक कदम गांधी के साथ — राजघाट से राजघाट तक पदयात्रा’ के दसवें दिन…

11 October International Day of the Girl Child  : समाज में परिवर्तन की वाहक बने बालिकाएं

हर वर्ष 11 अक्टूबर को पूरी दुनियां में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस दुनिया भर में लड़कियों द्वारा उनके लिंग के आधार पर सामना की जाने वाली लैंगिक असमानता के बारे में जागरूकता बढ़ाता है।इस असमानता…

संकटों से जूझती, उम्मीदों को गढ़ती, दुनिया को नया आकार देती बालिकाएं

11 अक्टूबर, अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हर उस लड़की के साहस और संकल्प का प्रतीक है जो अपनी पहचान स्वयं गढ़ रही है। वर्ष 2025 की थीम — “मैं जो लड़की हूं, मैं जो बदलाव लाती…

विचार : क्या गवई के ‘धैर्य’ से सत्ता के सिंहासनों की चूलें हिल गईं ?

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने 6 अक्‍टूबर के उस अपमानजनक क्षण में जिस असाधारण धैर्य का परिचय दिया, उसने न केवल न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा की, बल्कि सत्ता और समाज दोनों को गहरे आत्ममंथन के लिए विवश कर दिया।…

बालाघाट में आदिवासी समाज का दो दिवसीय ‘घेरा ड़ालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू

वनग्रामों के विस्थापन के खिलाफ जनसंघर्ष का आह्वान बालाघाट, 8 अक्‍टूबर। वन ग्रामों  को विस्थापित किए जाने सहित जल, जंगल, जमीन और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल के बैनर तले आज से दो दिवसीय घेरा डालो- डेरा…

कितने समावेशी, सुगम, सांस लेने लायक और लोकतांत्रिक बचे हैं, ‘स्मार्ट सिटीज़’

हमारे समय की विकास योजनाओं की त्रासदी है कि वे आस-पड़ौस के संसाधनों और समाज को तरजीह दिए बिना खड़ी की जाती हैं। ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ भी इससे हटकर नहीं है। करीब दस साल पहले बड़े धूम-धडाकों के साथ उतारी…