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सद्भाव, समानता और लोकतंत्र सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की जरूरत

‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ रायबरेली शहर पहुंची, पदयात्रा का 14वां दिन रायबरेली 15 अक्टूबर। गांधी जयंती के अवसर पर बनारस से शुरु हुई ‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ 14वें दिन बुधवार को रायबरेली शहर पहुँची। संविधान, लोकतंत्र और…

भूख के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता एवं संकल्प का दिन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 16 अक्टूबर को World Food Day का आयोजन किया जाता है। 150 से अधिक देशों में सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों, स्कूल, कालेज एवं विश्वविद्यालयों द्वारा विश्व खाद्य दिवस के वार्षिक केंद्रीय विषय आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित कर भूख…

ट्रम्प और नोबेल पुरस्कार : शांति के मायने बदलने का दौर?

नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह सम्मान “शांति” के लिए है या “राजनीति” के लिए। ट्रम्प को उम्मीद थी कि गाज़ा युद्धविराम में उनकी भूमिका के चलते…

कृषि : खेतों में महिलाओं का अदृश्य श्रम और मान्यता की लड़ाई

National Women Farmers Day इस तथ्य की याद दिलाता है कि खेतों में बीज से लेकर फसल तक का अधिकांश कार्य महिलाएं करती हैं, परंतु पहचान और नीति में वे अब भी हाशिए पर हैं। झाबुआ जैसे इलाकों में उनके…

नफ़रत के दौर में यह यात्रा दे रही है अमन और शांति का संदेश – एडवोकेट अर्चना

वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा का 13वां दिन जगतपुर 14 अक्टूबर। ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आज अपने 13वें दिन सुबह 7 बजे रायबरेली ज़िले के ऊँचाहार से आगे बढ़ी। ऊँचाहार बाज़ार…

राजस्थान में ₹600 करोड़ की अमानक व नकली दवाओं पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने जताई चिंता

निशुल्क दवा योजना में वितरित दवा की गुणवत्ता की जांच हेतु कार्रवाई की मांग जयपुर, 14 अक्टूबर। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया, राजस्थान राज्य इकाई ने राजस्थान राज्य में प्रतिवर्ष लगभग ₹600 करोड़ मूल्य की दवाएं या तो अमानक अथवा नकली…

राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर : गांधी दर्शन, पर्यावरण और मानवता पर गहन विमर्श

गांधी दर्शन की समसामयिकता पर मंथन : सौरभ वाजपेयी और डी.एम. दिवाकर ने रखे विचार कौसानी, 14 अक्टूबर। हिमालय की गोद में स्थित कौसानी में चल रहे राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर के दूसरे दिन विचार सत्रों में…

डॉ. आंबेडकर का धम्मचक्र प्रवर्तन — समानता और न्याय का नया अध्याय

डॉ. आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर की दीक्षाभूमि में बौद्ध धर्म ग्रहण कर सम्राट अशोक की धम्म परंपरा को पुनर्जीवित किया। यह ऐतिहासिक क्षण भारतीय समाज में समता, नैतिकता और मानवता के नए अध्याय की शुरुआत थी। उनके…

नए विश्व संकट में पुराने विचारों का नया अर्थ : गांधी, जयप्रकाश और लोहिया की प्रासंगिकता

गांधी, जेपी और लोहिया केवल अतीत के नाम नहीं, भविष्य की दिशा हैं। जब दुनिया हथियारों और बाजारों के जाल में उलझी है, तब उनके समाजवाद, आत्मनिर्भरता और नैतिक राजनीति के विचार फिर जीवित हो रहे हैं। यह समय उन्हें…

समाज और दुनिया को बचाने के लिए आज भी महात्‍मा गांधी जरूरी हैं — राधा भट्ट

राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर का शुभारंभ — हिमालय से मिला जीवन का संदेश कौसानी, 13 अक्टूबर! महात्मा गांधी से जुड़ा उत्‍तराखंड का ऐतिहासिक अनासक्ति आश्रम, कौसानी इन दिनों युवा ऊर्जा और गांधी विचारों से गुंजायमान है। यहाँ…