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सद्भाव, समानता और लोकतंत्र सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की जरूरत

‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ रायबरेली शहर पहुंची, पदयात्रा का 14वां दिन

रायबरेली 15 अक्टूबर। गांधी जयंती के अवसर पर बनारस से शुरु हुई ‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ 14वें दिन बुधवार को रायबरेली शहर पहुँची। संविधान, लोकतंत्र और बंधुत्व  की पुकार लिए यह यात्रा जब रायबरेली की सड़कों पर पहुँची तो स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों, महिला समूहों तथा नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ इसका स्वागत किया। 

अपने संकल्प के साथ बनारस से निकली यात्रा मंगलवार को प्रतापगढ़ कुंडा के रास्ते ऊंचाहार से जिले में प्रवेश की थी, इसके बाद आज सुबह यह पदयात्रा जगतपुर होते हुए यात्रा दरियापुर चौराहा, मुंशीगंज पर पहुंची जहां पर धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में उनकी  टीम ने पदयात्रियों का स्वागत एवं भोजन की व्यवस्था की। पदयात्रा दोपहर विश्राम के बाद  मुंशीगंज स्थित शहीद स्मारक पहुंची और आजादी के लड़ाई में शहीद किसानों के साहस और बलिदान को याद किया गया। 

इसके बाद यात्रा शहर में राणा बेनी माधव के स्मारक पर माल्यार्पण करते हुए शहीद चौक डिग्री कॉलेज पहुँची। इसके बाद कचेहरी रोड होते हुए यात्रा अंबेडकर चौक पहुँची यहां पर डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद यात्रा घण्टाघर, कैपरगंज, कहारो के अड्डा, जहानाबाद, स्वराज नगर, रायपुर होते हुए त्रिपुला पहुँचे। यात्रा के दौरान कहारो के अड्डा पर रज्जू खान, मो. हासिम के नेतृत्व में स्वागत किया गया। साथ ही मुंशीगंज में राही ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र यादव उर्फ राजू ने यात्रा का स्वागत किया। इसके अलावा  किसान नेता पुष्कर पाल के नेतृत्व में पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। 

रामू दादा ने पदयात्रियों को शुभकामना देते हुए पदयात्रा के उद्देश्यों से एकजुटता प्रकट की। उन्होंने कहा कि सद्भाव, समानता और लोकतंत्र सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की जरूरत हैं।

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रात्रि पड़ाव पर स्वराज इंडिया पार्टी की प्रांतीय नेता एवं रायबरेली पड़ाव की संयोजक अर्पिता श्रीवास्तव और उनकी टीम द्वारा एक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पदयात्रा में शामिल सभी साथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

आज यात्रा के दौरान विभिन्न चौराहों पर पदयात्रियों ने लोगों से संवाद स्थापित किया तथा वर्तमान की चुनौतियों पर जन सहमति बनी। आज देश में सबसे बड़ी आवश्यकता है प्रेम, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाए रखने की। यही गांधी की राह है, और यही इस पदयात्रा का उद्देश्य।

‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आगे भी अपने संदेश को गाँवों और कस्बों तक पहुँचाती रहेगी, ताकि हर व्यक्ति में यह विश्वास जागृत हो कि भारत का भविष्य तभी सुरक्षित है जब हम अपने संविधान और साझा विरासत की रक्षा करेंगे।

इस यात्रा में देश के 16 प्रदेशों के पदयात्री और सहयोगी शामिल हुए हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, असम, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल के साथी पदयात्री दल में शामिल हैं।

कार्यक्रम में पदयात्री अरविंद कुशवाहा, अरविंद अंजुम, रामधीरज, सोमनाथ रोड़े, रमेश दाने, शिव, लता ताई, बेबी वाईकर, माया ढंडे, ,  नंदलाल मास्टर, श्यामधर तिवारी, सरिता बहन, डॉ.  जीतेन नंदी, ध्रुव भाई, विद्याधर, जोखन यादव, सिस्टर फ्लोरीन, निधि,अंतर्यामी बरल, जगदीश कुमार,  समाजवादी जन परिषद के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष राज किशोर तथा सुमंत सुनानी, अनोखेलाल, अनिल, मुस्तफा, रेणु , सरोज, कविता, पूजा, सीता, माधुरी शामिल हुए। इसके अलावा गौरव पुरोहित, विवेक मिश्रा, सौरभ त्रिपाठी, अलीबा, प्रवीण वर्मा, नीरज राय, नितिन कुमार, राहुल शर्मा, विकास कुमार, ईश्वरचंद्र, , महेश भाई, माणिकचंद, आर्यभट्ट महंत, सचिन, शिराज़ अहमद और स्थानियों समेत सैकडों लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों में अर्चना , पंकज त्रिपाठी, मोहम्मद हाशिम, वीके शुक्ला, शिव प्रताप, इंद्रेश, रामविलास, ललित आदि शामिल हुए।  

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