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अमरनाथ यात्रा का फिर एक बार पर्यावरण प्रबंधन करेगा, इंदौर का स्टार्टअप ‘स्वाहा’

पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ता इंदौर का सस्टेनेबिलिटी और वेस्ट मैनेजमेंट स्टार्टअप ‘स्वाहा’ फिर एक बार दुर्गम हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित बाबा अमरनाथ की गुफा यात्रा को पूर्णत: पर्यावरण सम्मत बनाएगा। इस हेतु उसका चयन पिछले वर्ष…

दो हजार की नोट वापसी : आरबीआई की साख पर सवाल

दो हजार रुपए के नोटों की वापसी को सरकार और ‘आरबीआई’ यूं तो ‘क्लीन नोट’ यानि चार-पांच साल चल चुके कटे-फटे–गले नोटों को बदलने की सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं, लेकिन जिस तरह से इसे किया गया उसने ‘आरबीआई’ की…

परिवहन : गायब होती गाड़ियां

कंडम मानकर रद्द की जाने वाली दिल्ली की गाड़ियों को देखें तो पर्यावरण का संरक्षण सीधा परिवहन के विरोध में खड़ा दिखाई देता है। दस साल पुरानी डीजल और पन्द्रह साल पुरानी पैट्रोल गाड़ियों के खारिज कर देने से कार…

राहुल अगर अमेरिका अभी नहीं जाते तो कब जाते ?

कल्पना करके देखिए कि इतने बड़े देश के इतने व्यापक विपक्ष में जिसमें कि छोटी-बड़ी कोई पचास राजनीतिक पार्टियाँ होंगी राहुल गांधी के अलावा और कौन सा नेता हो सकता है जो विदेशी ज़मीन पर पहुँचकर ‘भारत के विकास में…

भोपाल त्रासदी : आपदा के दौरान पैदा हुए लोगों में आठ गुणा ज्यादा है कैंसर का जोखिम

गैस रिसाव के बाद गर्भपात की दर में चार गुना वृद्धि हो गई थी। साथ ही मृत जन्म और नवजात मृत्यु दर का जोखिम भी बढ़ गया भोपाल त्रासदी एक ऐसी भूल, जिसका सजा दशकों से पीड़ित झेल रहे हैं।…

नर्मदा नदी अगले पचास साल में खत्म हो जाएगी

नर्मदा के विशेष सम्‍मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञों व जानकारों का मतंव्‍य बड़वानी 8 जून । नर्मदा घाटी : आज और कल की चुनौतियां विषय पर नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा बड़वानी में बुधवार (7 जून) को आयोजित विशेष सम्‍मेलन में नर्मदा…

क्यों जारी है, बाल मजदूरी (child labor) ?

डॉ.विनय कुमार दास भांति-भांति के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय नियम-कानूनों के बावजूद बच्‍चों को कठिन और बदहाल रोजगारों से छुटकारा नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बने कानूनों में ही कोई अंतर्विरोध हैं?…

शोध : डायपर मिश्रित कॉन्क्रीट से बना पहला घर

भवन निर्माण में सालाना 50 अरब टन रेत की खपत ताज़ा अध्ययन में जापान के शोधकर्ताओं ने एक साथ दो पर्यावरणीय समस्याओं डायपर का बढ़ता कचरा और बढ़ता रेत खनन को हल करने की कोशिश की है। उन्होंने रेत-सीमेंट-गिट्टी के…

75 वर्ष में आबादी 4 गुना बढ़ी, लेकिन जल स्रोत की संख्या मात्र 4 लाख बढ़ी

धरातल और जल आंदोलन विषय पर पर्यावरणविद डॉ. क्षिप्रा  माथुर का व्याख्यान इंदौर, 7 जून।  भारत में केवल आर्थिक असमानताएं ही नहीं है जल वितरण को लेकर भी बहुत सारी असमानताएं है। एक तरफ ग्रामीण महिलाएं रोजाना 4 किलोमीटर दूर पैदल…

रोजगार सृजन : बांस में है बहुत कमाई

बांस, घास की एक ऐसी प्रजाति है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में बहुतायत से मौजूद है। अब तो उसे पैट्रोल, डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के साथ मिलाकर वाहनों में भी प्रयोग किया जाने लगा है। दुनिया में भारतवर्ष दूसरे…