जोशीमठ में जमीन के लगातार धंसने को लेकर ‘इसरो’ की रिपोर्ट के आंकड़ों से संवेदनहीनता पुष्ट हुई। ‘इसरो’ के मुताबिक 22 दिसम्बर 2022 और 8 जनवरी 2023 के बीच जोशीमठ में भू-धंसाव 5.4 सेन्टीमीटर हुआ था, जबकि इसके पहले के…
वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता एवं ‘एकता परिषद’ के संस्थापक राजगोपाल पीवी को हाल में जापान के प्रतिष्ठित ‘निवानो शांति पुरस्कार’ (2023) से नवाजा गया है। लगभग एक करोड 22 लाख रुपयों की पुरस्कार राशि से श्री राजगोपाल ने ‘शांति कोष’ की…
गहन-गंभीर, समझने में दुरूह और कई बार उबाऊ तक माना जाने वाला हमारा संविधान यदि करके देखा जाए तो कैसा होगा? भोपाल की ‘यंगशाला’ से जुडे कुछ युवाओं ने संविधान के विभिन्न आयामों को निश्चित समय के लिए अपने-अपने जीवन…
पिछले कुछ दिनों से देश भर में पेंशन को लेकर भारी मारामारी मची है। हिमाचलप्रदेश जैसे राज्यों में तो यह मसला चुनाव हराने-जिताने की गारंटी तक हो गया था। क्या है, इसके पीछे की कहानी? और क्या पेंशन की मौजूदा…
न्यूजर्सी, 21 मार्च । न्यूजर्सी में World Water Conference विश्व जल सम्मेलन की शुरुआत विश्व जल प्रार्थना से की गई। मेगसेसे अवार्ड से सम्मानित जल योद्धा राजेंद्र सिंह ने सम्मेलन की जरूरत पर बोलते हुए कहा कि तीसरे विश्वयुद्ध से…
48 वां सर्वोदय समाज सम्मेलन आज से सेवाग्राम में शुरू सेवाग्राम,14 मार्च। सेवाग्राम में तीन दिवसीय 48 वें सर्वोदय समाज सम्मलेन का आज विधिवत उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री, निर्वासित तिब्बत सरकार प्रो.सामदोंग रिनपोछे के आतिथ्य में हुआ। इस मौके पर प्रो….
देशभर से गांधीवादी होंगे शामिल, सर्वोदय समाज सम्मेलन का आयोजन 14 से 16 मार्च तक Sarvodaya Samaj Sammelan सर्वोदय समाज का 48 वां अधिवेशन अपनी स्थापना के 75 साल उसी सेवाग्राम में होने जा रहा है, जहां इसकी स्थापना हुई…
कहा जाता है कि शहरी लोग कचरे का सर्वाधिक विसर्जन करते हैं, लेकिन अब यह व्याधि गांवों तक भी पहुंच गई है। देश में प्रतिदिन 28 करोड टन ठोस कचरा पैदा हो रहा है जिसमें से 10.95 करोड टन ग्रामीण…
शंपा शाह ऐसे समय में जब देश के अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत करीब 94 फीसदी महिलाओं के आर्थिक योगदान को नकारा जाता हो, ‘सकल घरेलू उत्पाद’ यानि जीडीपी में उनकी भूमिका अनदेखी की जाती हो या उनके काम को कम…
पिछले महीने समाप्त हुई राहुल गांधी की ‘कन्याकुमारी से कश्मीर’ की पदयात्रा के कई निहितार्थ हैं और ये निहितार्थ मंहगाई, बेरोजगारी, पूंजी के केंद्रीकरण, भय, कट्टरता और नफरत की राजनीति के खिलाफ कहे गए घोषित उद्देश्यों के अलावा हैं। क्या…