अंतरराष्ट्रीय

जलवायु कार्यकर्ताओं की बढ़ती गिरफ़्तारियाँ और लोकतांत्रिक संकट

क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध है? लंदन। हाल ही में प्रकाशित पत्रिका द इकोलाजिस्‍ट एवं ग्रीनपीस की एक संयुक्त रिपोर्ट ने ब्रिटेन में जलवायु और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हो रही गिरफ़्तारियों और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए…

गांधीजी की दृष्टि और पश्चिम एशिया का संकट

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अमीर ‘मित्र-राष्ट्र’ दुनिया का हिस्सा-बांटा कर रहे थे, भारत में महात्मा गांधी शांतिपूर्ण, अहिंसक और दोस्ताना दुनिया के भविष्य की जुगत बिठा रहे थे। क्या 80-85 साल पहले दुनिया के सत्ताधारियों, खासकर पश्चिम एशिया के…

India US trade deal : कृषि व्यापार में अमरीका के सामने घुटने टेकने की तैयारी

अमरीका भारत से जीएम फसलों पर प्रतिबंध हटाने और कृषि शुल्क कम करने का दबाव बना रहा है, ठीक उसी समय नीति आयोग का दस्‍तावेज इन मांगों को स्वीकार्य रूप में पेश करता है। जीएम फसलों और सस्ती मक्का के…

दूसरी बार भी अंतराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार भारतीय लेखिका बानू मुश्ताक ने जीता बानू  बचपन से ही लिखने लगी थी छोटी छोटी कहानियां

बानू मुश्ताक ने दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतकर इतिहास रचा है। उनकी किताब “हार्ट लैंप” के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है, जो कन्नड़ भाषा में लिखी गई थी और बाद में अंग्रेजी में अनुवादित हुई। बानू मुश्ताक की…

श्रमिकों के श्रम पर टिकी अर्थव्यवस्था, लेकिन हक़ और सम्मान से वंचित

एक मई को देश में मजदूर दिवस मनाया जाता है, लेकिन देश के 90 प्रतिशत से ज़्यादा श्रमिक अब भी सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक मज़दूरी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। हर साल ये दिवस उनके नाम पर…

फ़लस्तीन के साथ एकजुट भारत — इंसाफ़ और अमन की पुकार

इज़राएल और अमेरिका द्वारा किये जा रहे जनसंहार को तत्काल समाप्त करने की माँग नई दिल्ली। इंडो-फ़लस्तीन सॉलिडेरिटी नेटवर्क (IPSN) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में (22 अप्रैल 2025) को भारत में फ़लस्तीन के नवनियुक्त राजदूत श्री अब्दुल्ला अबू शावेश…

चौथी दुनिया और ट्रम्प की मृगमरीचिका : वैश्विक शक्ति की बदलती तस्वीर

जब तेल की समृद्धि पर सवार अरब देशों को चौथी दुनिया कहकर नई वैश्विक शक्ति माना गया था, तब भी किशन पटनायक ने उसे मृगमरीचिका कहा था। आज ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, व्यापार युद्ध और आत्मघाती फैसले उसी तरह…

क्या होगी ट्रम्प के टोटकों की परिणति?

सिर्फ तीन महीना पहले दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बने डोनॉल्ड ट्रम्प ने जो कारनामे कर दिए हैं उनसे समूची दुनिया हलाकान है। ‘अमरीका को फिर से महान’ (‘मेक अमरीका ग्रेट अगेन’ यानि ‘मागा’) बनाने की खब्त में उन्होंने आर्थिक ताने-बाने…

संवेदनहीन विकास और संकट में पृथ्वी का भविष्य

बढ़ते भौतिक विकास की दौड़ में मानव ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसके दुष्परिणाम अब स्पष्ट दिखने लगे हैं—असामान्य तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाएं इसका प्रमाण हैं। ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि…

अमेरिकी टैरिफ : अमेरिका चाहता है भारतीय कृषि बाजार में दखल

अमेरिका के ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ का दबाव बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधा झटका दिया है। कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार खोलने का…