हाल में घोषित झारखंड विधानसभा चुनावों की 13 और 20 नवंबर की तारीखों ने अब तक कछुआ चाल से ठुमक रहे ‘पेसा कानून’ को फिर से हवा दे दी है। करीब तीन दशक पहले संसद में पारित आदिवासियों के लिए…
सिलिकोसिस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला दिल्ली, 7 अगस्त 2024। सर्वोच्च न्यायालय में सिलिकोसिस पीड़ितों के हक के लिए चल रही एक जनहित याचिका के सिलसिले में 6 अगस्त 2024 को न्यायालय की युगल पीठ जस्टिस विक्रम नाथ…
राम गोपाल पाण्डेय दिन दूनी, रात चौगुनी बढ़ती मंहगाई और नतीजे में जीवन यापन की अकल्पनीय मुश्किलों के बीच अचानक वैधानिक न्यूनतम मजदूरी भी घटा दी जाए तो क्या होगा? एक तो वैसे भी नियोक्ता कम-से-कम मजदूरी देकर पैसा बचाने…
मौजूदा दौर में इंसानों की पहचान का एक बेहद जरूरी संकेत उसका उपभोक्ता होना है। यानि आप कभी भी, कुछ भी, कहीं भी कर रहे हों, लेकिन अंतत: आप एक उपभोक्ता जरूर होते हैं। ऐसे में हम अपनी यह भूमिका…
राजनीतिक रूप से भले ही सत्ताधारी दल अलग-अलग दिखाई देते हों, लेकिन विकास के मामले में सभी में गजब की एकरूपता है। तमिलनाडु को ही लें तो वहां उत्तर भारत की भाजपा-कांग्रेस जैसी पार्टियों से सर्वथा भिन्न ‘द्रविड मुनेत्र कषगम’…
देश-प्रदेश के अलग-अलग शहरों की पटाखा फैक्ट्री मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार चलता रहता है। शासन की ओर से ऐसी घटनाओं को बचाव के लिए नीति नियम निर्देश भी लगातार जारी किए जाते हैं। इसके बाद भी मौतें होती…
भारत में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और गैर-अधिसूचित जनजातियों के संरक्षण और भविष्य की योजनाओँ पर विचार विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। गैर-अधिसूचित जनजातियों, घुमंतू जनजातियों और अर्ध-घुमंतू जनजातियों को भी गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे समुदायों के…
नियामगिरी सुरक्षा समिति के आदिवासी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ़ यू.ए.पी.ए – एफ.आई.आर और बेबुनियाद आरोप खारिज करने की मांग मुंबई, 22 अगस्त। देशभर के 20 राष्ट्रीय नेटवर्क / संगठनों, 40 जन संगठनों और 350 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,…
करीब सवा चार दशक पहले, जब पर्यावरण दुनिया के सामने एक आसन्न संकट की तरह उभर रहा था, भारत में ‘वन (संरक्षण) अधिनियम-1980’ बनाया गया था। अब विकास की बगटूट भागती अंधी दौड़ के सामने पर्यावरण ओझल होता जा रहा…
अंग्रेजों और चंद तरक्की-पसंद हिन्दुस्तानियों की पहल पर लगभग एक सदी पहले बाल-विवाह विरोधी कानून बना था, लेकिन देश के किसी राज्य में आज तक बाल-विवाह पर कोई कारगर प्रतिबंध नहीं लग पाया है। देश के अधिकांश राज्यों में, कुछ अपवादों…