Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

विनय झेलावत

सर्वोच्च न्यायालय में चुनाव में मुफ्त घोषणाओं के मुद्दे पर दिलचस्प बहस

श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के पतन की हालिया खबरों ने भारत के राज्यों की भूमिका पर एक नई बहस को जन्म दिया है। श्रीलंका की सरकार ने सभी के लिये करों में कटौती और विभिन्न मुफ्त वस्तुओं एवं सेवाओं के वितरण जैसे…

आत्महत्या : सजा का प्रावधान न्यायोचित नहीं

जीने के अधिकार में माननीय गरिमा के साथ जीना सम्मिलित है। जब तक व्यक्ति के जीवन का समापन प्राकृतिक रूप से नहीं होता है तब तक यह अधिकार यथावत रहेगा। भारतीय कानून आत्महत्या को अपराध मानता है तथा वह कुछ…

महाराष्ट्र : दलबदल कानून और उप-सभापति की भूमिका

यह सही है कि दलबदल कानून दलबदल को कुछ हद तक नियंत्रित करता है। यह किसी पार्टी के विभाजन को मान्यता नहीं देता है। लेकिन यह विलय को मान्यता देता है। ऐसे समय विधानसभा के सभापति की भूमिका महत्वपूर्ण होती…

महाराष्ट्र : मौजूदा राजनीतिक संकट और दलबदल विरोधी कानून

महाराष्ट्र में शिव सैनिकों के दलबदल की घटनाओं ने एक बार पुनः दलबदल कानून और उसके प्रावधानों की ओर आम जनता का ध्यान आकर्षित किया है। वे यह जानना चाहते हैं कि यह कानून इस मामले में कितना प्रभावी होगा।…

बाल अपराधों की रोकथाम : सामाजिक आंदोलन आवश्यक

बच्चों के विरूद्ध अपराधों के मामलों में कानूनी प्रावधान अत्यावश्याक है। लेकिन कानून के साथ ही सामाजिक जागरूकता भी अत्यावश्यक है। इसे कानून के साथ ही सामाजिक समस्या अधिक माना जाना चाहिए। इस हेतु सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता है जिससे…

साइबर अपराध आज चिंता का बड़ा सबब है

समाचार पत्रों एवं विभिन्न संचार माध्यमों के द्वारा आए दिन हमें सायबर अपराधों के समाचार पढ़ने को मिलते रहते हैं। इन घटनाओं में कुछ व्यक्तियों के काफी बड़े-बड़े नुकसान के समाचार भी होते हैं। लेकिन इन सब में एक ‘‘सामान्य…

न्याय व्यवस्था में काफी सुधार आवश्‍यक

न्यायाधीशों की नियुक्तियों में सर्वोच्च न्यायालय एवं केन्द्रीय सरकार के मध्य निरंतर टकराव चलता रहता है। विचाराधीन बड़ी संख्या के प्रकरणों के अंबार को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय, न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने के लिए आग्रह करता रहा है…

चैक अनादरण के कानून को प्रभावी बनाना आवश्‍यक

चैक अनादरण पर प्रस्तुत होने वाले फौजदारी प्रकरण वर्तमान में चिंता का विषय है। इन प्रकरणों के निराकरण में लगने वाले समय में इस कानून के प्रावधानों को प्रभावहीन बना दिया है। दिवानी प्रकरणों में लगने वाले समय के समान…