अपनी शुरुआत में भले ही प्रजातंत्र ने गहरी असहमतियां झेली हों, लेकिन धीरे-धीरे वह एक ऐसी शासन-प्रणाली बन गया जिसके बिना दुनिया के अधिकांश देश अपने काम-काज नहीं चला पाते। जिन देशों में प्रजातंत्र नहीं है वहां उसे लाने के…
मेरा यह सम्मान रचनात्मक कार्यों में लगी महिलाओं को समर्पित – दमयंती पाणी गुवाहाटी,12 नवंबर। आज शरणिया आश्रम, गुवाहाटी में अमलप्रभा दास की 113वीं जन्म जयंती के अवसर पर वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार मध्यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता…
गांधी शांति प्रतिष्ठान द्वारा समन्वित पांचवें कुलदीप नैयर पत्रकारिता पुरस्कार 2023 की घोषणा नई दिल्ली, 8 नवंबर। गांधी शांति प्रतिष्ठान द्वारा द्वारा संचालित एवं समन्वित पांचवां कुलदीप नैयर पत्रकारिता पुरस्कार 2023 वरिष्ठ पत्रकार, विद्वान और टीवी समाचार एंकर उर्मिलेश को…
एल.एस. हरदेनिया 1960 के दशक में दक्षिण एशिया में एक साधारण नमक, शक्कर और साफ पानी के मिश्रण से हैजा और अन्य दस्त जनित बीमारियों को नियंत्रित करने का तरीका विकसित करने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञ रिचर्ड ए. कैश का पिछले…
सर्व सेवा संघ के आह्वान पर न्याय के दीप जलाएं -100 दिवसीय सत्याग्रह जारी वाराणसी, 6 नवंबर। गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह को आज 57 वां दिन है। इस सत्याग्रह…
संदर्भः- बांधवगढ़ उद्यान में 10 हाथियों की मौत मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उद्यानों से हाथियों की असामयिक मौत की खबरें आना कोई नई बात नहीं है। नई बात इन हाथियों के मौत के कारण से जुड़ी है। इस बार…
कविताओं, वायलिन वादन, पेंटिंग और स्मृतियों का संगम होगा अनुपम आयोजन पानी का दरख़्त इंदौर, 5 नवंबर। समकालीन हिंदी कविता के शीर्ष कवि श्री चंद्रकांत देवताले के स्मृति में उनकी कविताओं पर आधारित एक अनूठा आयोजन ‘पानी का दरख़्त’ उनके…
हमारे यहां त्यौहारों का ताना-बाना कृषि-चक्र से गहरा जुडा है। मसलन इन दिनों खरीफ की फसलों के आने और रबी की फसलों के इंतजार के अंतराल में दीपावली मनाई जाती है। बाजारों से लदी-फंदी आज की उत्सव-धर्मिता ने इस प्राकृतिक…
हमारे देश में सभी त्यौहार खेती-किसानी से सीधे जुड़े रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में बाजारों की आमद ने इन्हें उपभोग के रंग-बिरंगे बाजारू अवसरों में तब्दील कर दिया है। अब कोई अपने त्यौहारों तक पर कृषि की सुध…
दीपावली, नव-वर्ष जैसे अनेक त्यौहार हम भरपूर रोशनी और आतिबाजी के साथ मनाते हैं। लेकिन क्या हमें मालूम है कि जरूरत से ज्यादा रोशनी भी हमें बीमार कर सकती है? बढ़ता प्रकाश प्रदूषण मानव स्वास्थ्य, फीट पतंगों व पक्षियों, पेड़-पौधों…