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सुप्रीम कोर्ट ने सुध ली पैदल यात्रियों की और कहा, देश भर में फुटपाथ का घोर अभाव पैदल यात्रियों का अपमान

हम आज जिस विकास के दौर से गुजर रहे हैं उसमें खासकर पैदल चलने वालों की इज्जत खत्म हो गई है। पैदल चलना मजबूरी का नाम हो गया है। हम आज जिस विकास के दौर से गुजर रहे हैं उसमें…

CM Mohan Charan Majhi से जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया और मरीज संगठन की मुलाकात

सीएम माझी ने दिये स्वास्थ्य सचिव को निर्देश भुवनेश्वर, 19 मई । उड़ीसा में किडनी रोगियों के इलाज और ट्रांसप्लांट से जुड़ी गंभीर समस्याओं के संदर्भ में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ एक महत्‍वपूर्ण बैठक हुई।…

ओडिशा के वॉटर मैन रंजन पांडा को मिला ओडिशा लीडरशिप अवॉर्ड 2025

जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में तीन दशकों से सक्रिय हैं रंजन पांडा देश के अग्रणी पर्यावरणविदों में से प्रमुख रंजन पांडा, जिन्हें ‘वॉटर मैन ऑफ ओडिशा’ और ‘क्लाइमेट क्रूसेडर’ के रूप में जाना जाता है, को वर्ल्ड…

शिक्षा : अंकों की होड़ में कुछ अनुत्‍तरित सवाल

हर साल बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद मीडिया में रिकॉर्ड तोड़ अंकों की बाढ़ सी आ जाती है। छात्र-छात्राएँ 100 में 100 लाकर ‘उत्कृष्टता’ के प्रतीक बन जाते हैं। लेकिन इस होड़ में क्या हम शिक्षा के असल उद्देश्य…

गाँधी : धीमी पत्रकारिता का सत्याग्रही संपादक

सबको मालूम है कि गाँधीजी कमाल के पत्रकार-संपादक थे। उनका अधिकांश लेखन अखबारों के लेख-टिप्पणियों, पत्रों और सूचनाओं की शक्ल में मौजूद है। अलबत्ता, लेखन की इस प्रक्रिया में वे अपने पाठक भी तैयार करते थे। कोई उनके (या किसी…

मिथकों से विज्ञान तक : भ्रमों की परतें हटाती एक संवादात्मक पुस्‍तक

गौहर रज़ा की किताब “मिथकों से विज्ञान तक” सिर्फ़ विज्ञान की बात नहीं करती, बल्कि सोचने की आज़ादी का जश्न मनाती है। यह किताब पढ़ते हुए पाठक अपने पुराने ‘सच’ को नए सवालों की रोशनी में देखने लगता है। यह…

International Museum Day – संग्रहालय : खामोश दीवारों के ज़िंदा दस्तावेज़

हर वर्ष 18 मई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संग्रहालय केवल अतीत की वस्तुओं का भंडार नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद और नवाचार के मंच हैं। वर्ष 2025 की थीम—“तेजी से बदलते समुदायों…

बीमारियों से बचाव के लिए जीवन शैली को बदलने की जरूरत

हमें व्यायाम करने के साथ शरीर को देना चाहिए पूरी नींद – पद्मश्री डॉ रणदीप गुलेरिया इंदौर, 17 मई । एम्स, नई दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर जनरल पद्मश्री डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि यदि हमें अपने शरीर को…

भारत-पाकिस्तान तीन दिन का युद्ध : न तीन के,  न 13 के !  

भारत-पाकिस्तान की तीन-दिनी झड़प से और कुछ हुआ, न हुआ हो,आजकल की सरकारों की पोल जरूर खुल गई है। सर्वशक्तिमान डोनॉल्ड ट्रंप से लगाकर चीन, रूस, तुर्किए और युद्धरत भारत व पाकिस्तान की सरकारें कुल-जमा तीन दिन की झड़प में…

जब हमें नागरिकता की जिम्मेदारी का बोध होगा तब आएगा देश में लोकतंत्र

अभ्यास मंडल की ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व डायरेक्टर जगदीप झोकर का संबोधन इंदौर, 16 मई। आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व डायरेक्टर जगदीप झोकर ने कहा है कि जब हमारे देश के नागरिकों को नागरिक होने की जिम्मेदारी का…