जल, जंगल, जमीन शख्सियत समाचार

ओडिशा के वॉटर मैन रंजन पांडा को मिला ओडिशा लीडरशिप अवॉर्ड 2025

ओडिशा के वॉटर मैन रंजन पांडा को मिला ओडिशा लीडरशिप अवॉर्ड 2025

जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में तीन दशकों से सक्रिय हैं रंजन पांडा देश के अग्रणी पर्यावरणविदों में से प्रमुख रंजन पांडा, जिन्हें ‘वॉटर मैन ऑफ ओडिशा’ और ‘क्लाइमेट क्रूसेडर’ के रूप में जाना जाता है, को वर्ल्ड...

जलवायु परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में तीन दशकों से सक्रिय हैं रंजन पांडा

देश के अग्रणी पर्यावरणविदों में से प्रमुख रंजन पांडा, जिन्हें ‘वॉटर मैन ऑफ ओडिशा’ और ‘क्लाइमेट क्रूसेडर’ के रूप में जाना जाता है, को वर्ल्ड सीएसआर डे फाउंडेशन द्वारा ओडिशा लीडरशिप अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें भुवनेश्वर के सैंडी टावर्स होटल में उनकी अनुपस्थिति में प्रदान किया गया। उन्हें जल संरक्षण, पर्यावरणीय जागरूकता और जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

उल्‍लेखनीय है कि रंजन पांडा, पिछले तीन दशकों से जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने जल संकट से जूझते ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन की कई सफल पहलें कीं। रंजन पांडा ने ‘वॉटर इनिशिएटिव्स, इंडिया’ (WIO) नामक नेटवर्क की स्थापना की, जो राज्य और देश भर में जल, खेती और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर काम करता है और वे ‘ओडिशा रिवर कॉन्फ्रेंस’ का नेतृत्व भी करते हैं, जिसमें हर वर्ष सैकड़ों लोग नदी संरक्षण पर संवाद के लिए जुटते हैं। उनके नेतृत्व में शुरू हुए प्रमुख अभियानों में शामिल हैं: Youth4Water,  Mahanadi River Basin Initiative,  Healthy Rivers, Happy Cities, Children Have Right To Clean Water,  Commons Climate Connect, Happy Fishing  इत्यादि।

वे जलवायु न्याय, वन संरक्षण और पर्यावरणीय अधिकारों के पक्ष में विभिन्न जन आंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने बड़े बांधों, वनों की अंधाधुंध कटाई और औद्योगिक प्रदूषण के विरुद्ध स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर आवाज बुलंद की।

उन्होंने ओडिशा के आदिवासी अंचलों में पारंपरिक जल-संग्रहण प्रणालियों को पुनर्जीवित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई अभिनव पहल की हैं। उन्होंने 1988 में साम्बलपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान एक सीएसओ की स्थापना की, जो स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए काम करता है। दो दशकों तक वे इसके मानद प्रमुख रहे।

वे जल, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन और विकास विषयों पर स्वतंत्र सलाहकार, शोधकर्ता, लेखक और वक्ता हैं। समुद्र स्तर में वृद्धि, मरुस्थलीकरण और पारंपरिक मौसम पूर्वानुमान ज्ञान पर उनका शोध उल्लेखनीय रहा है। जलवायु परिवर्तन पर जन-जागरण के क्षेत्र में वे उन शुरुआती आवाज़ों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने देश में इस संकट को गंभीरता से उठाया।

वे जेनेवा विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक रहे हैं और ओस्लो मेट यूनिवर्सिटी के ‘क्लाइमेट जर्नलिज़्म नेटवर्क’ के संस्थापक सदस्य हैं।

वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की ओर से जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबल विकास पर पक्ष रखते रहे हैं। उन्होंने नीति-निर्माताओं को शोध आधारित सुझाव भी दिए हैं। उनके लेख BBC, NDTV, Down to Earth और Al Jazeera जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में प्रकाशित होते रहे हैं।

रंजन पांडा को इससे पहले वर्ष 2010 में उन्हें NDTV-टोयोटा द्वारा भारत के पहले “ग्रीन हीरो” के रूप में सम्मानित किया गया, यह पुरस्कार उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया था। उन्हें ‘महानदी रिवर वॉटरकीपर’ और ‘ओडिशा के संरक्षण मास्टर’ जैसे खिताबों से भी नवाज़ा गया है। इसके अलावा अन्‍य कई प्रतिष्ठित सम्मानों में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की मान्यता, राष्ट्रीय जल मिशन सम्मान, और वर्ल्ड वॉटर लीडरशिप अवॉर्ड  शामिल हैं।

उनकी सोच और कार्यशैली ने ओडिशा के हजारों लोगों को प्रेरित किया है और वे आज भी पर्यावरणीय न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।

जुड़ें - हमारे व्हाट्सएप चैनल से

सप्रेस मीडिया - नवीनतम आलेख, रिपोर्ट, समाचार अपडेट सीधे अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करें।

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें →

निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन करें

आज के दौर में निष्पक्ष, स्वतंत्र और जन-सरोकार की पत्रकारिता को जीवित रखना बड़ी चुनौती है। विज्ञापनदाताओं और कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त होकर आप तक सही और सटीक खबरें पहुंचाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हमारी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आपकी दी हुई छोटी-सी सहयोग राशि हमें सच्ची पत्रकारिता करते रहने का संबल देगी।

सहयोग राशि →

नवीन आलेख