बीमारियों से बचाव के लिए जीवन शैली को बदलने की जरूरत

हमें व्यायाम करने के साथ शरीर को देना चाहिए पूरी नींद – पद्मश्री डॉ रणदीप गुलेरिया

इंदौर, 17 मई । एम्स, नई दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर जनरल पद्मश्री डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि यदि हमें अपने शरीर को बीमारियों से बचाना है तो अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा। हमारे लिए हर दिन व्यायाम करने के साथ-साथ पूरी नींद लेना भी आवश्यक है।

डॉ. गुलेरिया आज अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 64 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यान माला के अंतिम दिवस पर  संबोधित कर रहे थे। उनके व्याख्यान का विषय था बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कुछ कदम।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर व्यक्ति सोचता है कि मुझे कोई बीमारी नहीं है इसका मतलब यह है कि मैं स्वस्थ हूं। ऐसा मानना सबसे बड़ी गलती है। स्वस्थ रहना हमारी जिम्मेदारी है। खुश रहना हम सभी को जान लेना चाहिए। वर्ष 1990 से 2016 तक के दौर में हमारे देश में लोगों को होने वाली बीमारियों की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। इसके बाद से अब तक के दौर में भी यह बदलाव तेजी से आगे बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि पहले हमारे देश में लोगों को वायरल, सर्दी, जुकाम, खांसी, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां होती थी। इन बीमारियों पर आसानी से काबू पा लिया जाता था। अब जो बीमारियां होती है उन बीमारियों पर आसानी से काबू नहीं पाया जा सकता है। इन बीमारियों के पीछे का सबसे बड़ा कारण हमारी अनियमित दिनचर्या है। हम अपनी दैनिक जीवन शैली में परिवर्तन लाकर 60% से ज्यादा उन बीमारियों को रोक सकते हैं जो कि घातक बनी हुई है। वैसे तो 1 दिन में 1440 मिनट होते हैं लेकिन उसमें से मात्र 30 मिनट हम एक्सरसाइज के लिए नहीं निकाल पाते हैं। अपने घर से थोड़ी सी दूरी पर कुछ लेने के लिए भी जाना हो तो हम पैदल नहीं जाते हैं बल्कि गाड़ी उठाते हैं। एक्सरसाइज नियमित रूप से करके हम बहुत सी बीमारियों से अपने शरीर का बचाव कर सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज खानपान है। हमें अपने खानपान को नियंत्रित करने की जरूरत है। पहले हम हरी सब्जी, ताजे फल खूब खाते थे। अब हम फास्ट फूड पर आ गए हैं। अब हमारी सिंथेटिक डाइट बढ़ गई है। इसके कारण हमें बहुत – सी बीमारियां होने लगी है। इन बीमारियों से बचने के लिए हमें जंक फूड को छोड़कर हरी सब्जी और फल को फिर से अपनाना चाहिए। इसके बाद तीसरी महत्वपूर्ण चीज शराब, वेपिंग और ई- सिगरेट है। आज हमारे देश में बहुत कम उम्र के युवा भी इससे अछूते नहीं है। बहुत से स्कूलों के बाहर ही ई सिगरेट बिकती है। वेपिंग से फेफड़े खराब हो जाते हैं। हमें अपनी लाइफ स्टाइल की हैबिट को बदलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे स्वास्थ्य के लिए वायु प्रदूषण भी एक बड़ी गंभीर चुनौती है। जब मौसम खराब होता है तो लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। शहर में यातायात जितना बढ़ेगा उतना प्रदूषण भी बढ़ेगा।

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए हर दिन कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद आवश्यक है। आज हम देखते हैं कि खासकर  युवा पीढ़ी 4 से 5 घंटे ही सोती हैं। यह कम नींद उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा घातक है। इसके कारण बहुत-सी बीमारियों का जन्म होता है।

उन्‍होंने जोर दिया कि हमें अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। इस समय लोगों के जीवन में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इस तनाव को रोकने के लिए भी हमें अपनी जीवन शैली को बदलना चाहिए। हमारी तेज जीवन शैली में विभिन्न बीमारियों के वायरस भी तेज गति के साथ फैलते हैं। यह वाइरस हमेशा पशु, पक्षी से ही आते हैं। यदि हमें स्वस्थ रहना है तो हमें अपने स्वास्थ्य के साथ बर्ड, एनिमल, प्लेनेट के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा।

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इस कार्यक्रम के अध्यक्षता इंदौर संभाग के संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारा यह लक्ष्य है कि हम शासन और जनता का पक्ष मिलाकर विकास की इबादत को लिखें। यह बौद्धिक विचार विमर्श का मंच है। हमें अपने स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, भवनात्‍मक स्‍वास्‍थ, सामाजिक स्‍वास्‍थ्‍य और आर्थ्रिक स्‍वास्‍थ्‍य पर भी ध्यान देना होगा। आज परिजनों के साथ हमारी चर्चा का समय कम होते जा रहा है। जब परिवार के लोग एक साथ बैठते हैं तब एक दूसरे से बात करने के बजाय अपने-अपने मोबाइल में लगे रहते हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत सेवा सुरभि के ओम प्रकाश नरेडा, डॉ. शरद पंडित, अभिनव धनोतकर, फादर लकारा, प्रकाश पाठक, कुमुद कोठारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति सेवानिवृत पुलिस महानिरीक्षक मदन राणे और समाजसेवी टीकमचंद ने भेंट किया। अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने इस व्याख्यान माला के आयोजन में सहयोग देने और आयोजन में सहभागी बनने वाले सभी का आभार व्यक्त किया।

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