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जंगलों के बाहर वृक्षों के विकास के लिए रोडमैप हुआ जारी

विश्व संसाधन संस्थान भारत  द्वारा जारी रिपोर्ट अगर किसान जंगलों के बाहर वृक्षारोपण की प्रथा को बढ़ावा दें तो उन्हें सात प्रकार के मौद्रिक और तीन प्रकार के गैर-मौद्रिक प्रोत्साहन लाभ मिल सकते हैं। इन लाभों में शामिल है इनपुट…

एक मुट्ठी नमक से हिल गया था ब्रिटिश साम्राज्यवाद

92 वां दांडी मार्च दिवस दांडी मार्च से अभिप्राय उस पैदल यात्रा से है, जो महात्मा गाँधी और उनके स्वयं सेवकों द्वारा 12 मार्च, 1930 को प्रारम्भ की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था- “अंग्रेज़ों द्वारा बनाये गए ‘नमक क़ानून…

शोध अध्‍ययन : राष्ट्रीय पक्षी बाल्ड ईगल में सीसा विषाक्तता

गैर-मुनाफा संगठन कंज़रवेशन साइंस ग्लोबल के जीव विज्ञानी विन्सेंट स्लेब और उनके सहयोगियों ने 8 वर्षों तक 1210 बाल्ड और गोल्डन ईगल के ऊतक एकत्रित किए। लगभग 64 प्रतिशत बाल्ड ईगल और 47 प्रतिशत गोल्डन ईगल में दीर्घकालिक सीसा विषाक्तता…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : डिजिटल मुद्रा

भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए बाध्य करने के नये तरीके लेकर…

समग्र शिक्षा : हम लक्ष्य से हटकर, उल्‍टी दिशा में चलने लगे

पिछले कुछ सालों में, कोविड महामारी के चलते हमारे देश की शिक्षा सर्वाधिक प्रभावित हुई है, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक संसाधनों को लगाकर उसे वापस चुस्त-दुरुस्त करने की बजाए हमारी सरकारें उसका बजट घटाने में लगी हैं। केंद्रीय बजट…

शराब से आदिवासियों का उत्‍थान : बड़े खतरे हैं इस राह में

मध्यप्रदेश हेरिटेज (पारंपरिक) शराब नीति 2022 में आदिवासियों को महुए की शराब बनाए जाने को अनुमति दी गई है। फिलहाल, महुआ से शराब बनाया जाना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डिंडोरी और आलीराजपुर में लागू होगा। जहां तक पारम्परिक शराब…

यातायात : असुरक्षित हैं, सड़कें

किसी को शारीरिक क्षति पहुंचाने की आज भी सर्वाधिक आसान तरकीब सड़क दुर्घटना है। मोटर, ट्रक, दो-पहिया जैसे स्वचालित वाहनों से किसी को ठोंक देने और नतीजे में गंभीर चोट, मृत्यु तक का दंड, जुर्माना आज भी परिणामों के मुकाबले…

आगे रही, आधी आबादी

महिलाओं की क्षमताओं और समाज में उनकी हैसियत के बारे में सभी को न सिर्फ याद रखना चाहिए, बल्कि उसे बार-बार गुनना चाहिए, भले ही इस प्रक्रिया में हमें थोडी ऊब ही क्यों न हो। ‘महिला दिवस’ मनाने की जरूरत…

नियमों के जरिए कमजोर किया जाता, ‘पेसा’ का प्रभाव

‘पेसा कानून’ के पारित होने की करीब चौथाई सदी बीत जाने के बाद अब जाकर मध्यप्रदेश में उसे लागू करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। विडंबना यह है कि इन नियमों में अनेक विसंगतियां हैं। मसलन- जिस ग्रामसभा…

वायु प्रदूषण: 93 फ़ीसद भारतीय ले रहे हैं मौत की सांस : शोध अध्‍ययन

एक ताज़ा जारी वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत भारतीय ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से अधिक है। इस रिपोर्ट से पता चला है कि इसके परिणामस्वरूप भारत में जीवन प्रत्याशा लगभग 1.5 वर्ष…