समसामयिक

हमारा पैसा हमारा हिसाब : डिजिटल मुद्रा

हमारा पैसा हमारा हिसाब : डिजिटल मुद्रा
भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए बाध्य करने के नये तरीके लेकर आ रही है। दूसरी तरफ है आधार जो एक पहचान पत्र से कहीं आगे बढ़कर डाटा की एक बड़ी फैक्ट्री बन गया है। और अब या रही है क्रिप्टोकरेंसी यानि की डिजिटल मुद्रा। इन सबका क्या मतलब है और ये हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करेगा। पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्‍दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।
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लेखक का परिचय

कविता कबीर

कविता कबीर ‘सेंटर फॉर फाइनेन्शियल अकॉउन्टेबिलिटी’ (सीएफए) से जुडी है । उन्‍हें ‘स्मितु कोठारी फैलोशिप’ प्रदान की गई है।

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