भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए बाध्य करने के नये तरीके लेकर आ रही है। दूसरी तरफ है आधार जो एक पहचान पत्र से कहीं आगे बढ़कर डाटा की एक बड़ी फैक्ट्री बन गया है। और अब या रही है क्रिप्टोकरेंसी यानि की डिजिटल मुद्रा। इन सबका क्या मतलब है और ये हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करेगा। पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’
समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

