स्वराज के लिए गांधीजी राजनीतिक आजादी के साथ-साथ सामाजिक, नैतिक और आर्थिक आजादी आवश्यक मानते थे। लोकशाही की स्थापना के लिए सैनिक सत्ता पर नागरिक सत्ता की प्रधानता की लड़ाई वे अनिवार्य मानते थे। दरअसल आज सत्ता का आधार दंड…
तेल की अपनी हवस की खातिर इराक में ‘नरसंहार के हथियारों’ की फर्जी अफवाह फैलाकर जिस तरह अमरीका की अगुआई में एक समूचे राष्ट्र को नेस्त-नाबूद किया गया, हाल में अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की वापसी की कहानी भी उससे…
एस.एन सुब्बराव महात्मा गांधी को ऐसे जियें अमेरिका के चुने अच्छे लोग भारत में राजदूत बनकर आए। उनमें से एक बुद्धिजीवी थे – चेस्टर बौल्स। जिन्होंने भारत को लेकर एक सुंदर किताब लिखी, उनकी बेटी ने भी एक किताब लिखी।…
हमारे समाज की चालाकी है कि वह अपना मार्ग-दर्शन और समीक्षा करने वालों का,भगवानजी से लगाकर महापुरुष तक के दर्जे का महिमामंडन करके, किनारे कर देता है। अपने जीवन को अपना संदेश बताने वाले महात्मा गांधी भी इस कारनामे की…
विचार और वस्तु के बीच का सदियों पुराना द्वंद्व क्या साम्प्रदायिक और गैर-साम्प्रदायिक भी हो सकता है? क्या विचार पर विचारधारा की अहमियत एक तरह की साम्प्रदायिकता को जन्म देती है? और क्या अपने चतुर्दिक फैले व्यापक संसार में शांति…
अपने समाज, देश और दुनिया के मौजूदा संकटों के निवारण के लिए महात्मा गांधी से पूछा जाता तो वे संभवत: इंग्लेंड और दक्षिण-अफ्रीका के बीच की जहाज-यात्रा के दौरान करीब 112 साल पहले लिखी अपनी किताब ‘हिन्द स्वराज’ के पन्ने…
सार्वजनिक सम्पत्ति के निजीकरण की हुलफुलाहट में इन दिनों ठेका-प्रथा जारी है। हवाई-अड्डों, रेलवे-स्टेशनों, सडकों, कारखानों आदि को फिलहाल ठेके पर निजी कंपनियों को सौंपने के पीछे की नीयत आखिर निजीकरण नहीं तो और क्या है? ‘सरकार का काम व्यापार-व्यवसाय…
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में जिस अवधारणा ने राष्ट्रों के एकीकरण के साथ-साथ सर्वाधिक युद्धों की पृष्ठभूमि तैयार की है, वह राष्ट्रवाद ही है। क्या है, यह राष्ट्रवाद? इस अवधारण ने कैसे सत्ताओं को प्रभावित और सक्रिय किया है? पिछले…
छतरपुर जिले के बक्सवाहा में हीरे के लिए काटे जाने वाले जंगलों की कीमत आखिर क्या है? जिस तरह हीरे की कीमत उसकी कठोरता और चमक आदि के आधार पर तय की जाती है, ठीक उसी तरह पेडों की कीमत…
अभी हाल में असम-मिजोरम विवाद ने भारी सुर्खियां बटोरी थीं। सम्पूर्ण-प्रभुसत्ता-सम्पन्न भारत गणराज्य के ये दोनों राज्य दुश्मनों की तरह आखिर क्यों लडे थे? क्या थे, उनके बीच के मुद्दे और राजनीति? करोड़ों भारतीय आतुर थे कि हमारे देश के…