ओडिशा : गायब होता गंधमार्दन पर्वत
ओडिशा के गंधमार्दन पर्वत पर एक बार फिर उत्खनन का हमला होने वाला है और इस बार यह निजी क्षेत्र की अडाणी कंपनी करने वाली है। अस्सी के दशक में सरकारी क्षेत्र की ‘बाल्को’ कंपनी को बॉक्साइट की आपूर्ति की…
खनिज संपदा के लिए दमन का नया केन्द्र : सिजिमाली, कुटरूमाली और माजनमाली
सुनील कुमार कलिंगनगर, नियमगिरि, जगतसिंहपुर (पोस्को), नारयणपटना, काशीपुर के बाद निगाह रायगड़ा़ जिले के सिजिमाली, कुटरूमाली और माजनमाली पर है। यहां पर बॉक्साइट का भंडार बड़ी मात्रा में है। कलिंगनगर, नियमगिरि, जगतसिंहपुर (पोस्को), नारायणपटना, काशीपुर के बाद निगाह रायगड़ा़ जिले के सिजिमाली, कुटरूमाली और माजनमाली…
पलायन और विस्थापन नियति है आदिवासियों की
निमिषा सिंह देश की आबादी में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 8.6% है, लेकिन विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की कुल संख्या में अनुसूचित जनजाति के लोगों की तादाद 40 प्रतिशत है। जाहिर है, जनजातीय लोगों को जो भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची से आच्छादित हैं, भूमि-अधिग्रहण, विस्थापन…
260 से अधिक कार्यकर्ताओं और अधिकार संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में 6 ‘पर्यावरण रक्षकों’ की त्वरित रिहाई की मांग
जम्मू-कश्मीर और समूचे हिमालयी क्षेत्र में लोकतांत्रिक अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण की रक्षा हो 16 नवंबर, 2024 । 260 से अधिक सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर में छह कार्यकर्ताओं की जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत गिरफ्तारी का विरोध…
पर्यावरण : वन संरक्षण के देसी उपाय
वन विभागों की मार्फत कथित ‘सांटिफिक फॉरेस्ट्री’ उर्फ ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की आजमाइश के डेढ़ सौ से ज्यादा साल गुजर जाने के बावजूद आज वन, वन्यप्राणी और वनों में बसे आदिवासी बदहाल ही नजर आते हैं। इसके बरक्स जंगल से अपनी…
वायनाड त्रासदी : लालच के चलते लानत झेलते विशेषज्ञ
केरल का वायनाड हो या उत्तराखंड का जोशीमठ, सभी ने पिछले कुछ सालों में भीषण त्रासदियों को भुगता है। विडंबना यह है कि ये त्रासदियां विकास-के-अंधे राजनेताओं, नीति-निर्माताओं और बिल्डर-ठेकेदारों के कॉकस की पहल पर बाकायदा जानते-बूझते रची जा रही…
अंतर्राष्ट्रीय : पेयजल भी इजरायली हथियार है
फिलिस्तीन के साथ जारी घमासान में इजरायल पानी सरीखी बुनियादी जरूरत हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है और इसमें इजरायल की सरकारी कंपनी ‘मेकोरोट’ ने मार्चा संभाला है। क्या यह किसी भी तरह से स्वीकार्य होना चाहिए? इजरायल की…
उत्तराखंड और हिमाचल : आपदा की आवाजाही
हिमालय और उसके राज्यों की मौजूदा आपदाएं आत्महंता विकास के विकराल नमूने बनते जा रहे हैं। इंसान अपना अंत किस नासमझी से जानबूझकर रचता है इसे देखना-समझना हो तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों की मौजूदा हालातों का जायजा लिया…
गंगा के उपासक जीडी अग्रवाल : अविरलता के लिए आत्मोत्सर्ग
गंगा की अविरलता को बरकरार रखने के लिए 111 दिन के अपने उपवास के बाद प्राण त्यागने वाले प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ऐसे बिरले लोगों में हैं जिन्होंने गंगा को जीवित रखने के लिए विज्ञान और आध्यात्म…
उत्तराखंड : आपदा की अनदेखी के नतीजे
दिल्ली में नकली केदारनाथ धाम खड़ा करने के मंसूबे बांधने वाले हमारे समाज को ग्यारह साल पहले उत्तराखंड के असली केदारनाथ धाम में हुई भीषण त्रासदी कितनी याद है? क्या तीर्थाटन को मौज-मस्ती के पर्यटन में तब्दील करते लाखों-लाख कथित…









