धरती के सच्चे सेवक: ट्री-मेन दरिपल्ली रामैया
दरिपल्ली रामैया का जीवन पर्यावरण संरक्षण की जीवंत मिसाल रहा। उन्होंने अकेले ही एक करोड़ से अधिक पौधे रोपकर बंजर ज़मीनों को हरित बना दिया। बीज जेब में और पौधों का सपना आंखों में लिए वे जीवन भर पेड़ लगाते…
बीमार झीलों को कैसे बचाएं?
झीलें और तालाब स्थानीय समाज के लिए पानी के अविरल स्रोत की तरह पहचाने जाते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि ये ही समाज अपने पडौस के इन जलस्रोतों को लगातार बिगड़ने में लगा हैं। क्या हो, यदि झीलों-तालाबों को…
चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं सालगिरह पर गोष्ठी : पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहल
गोपेश्वर, 3 अप्रैल। चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं वर्षगांठ के अवसर पर चिपको की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल द्वारा “वर्तमान में पर्यावरण की चुनौतियाँ” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित…
कोशी-मेची नदी जोड़ परियोजना पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
परियोजना की मंजूरी पर नदी घाटी मंच और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय का बयान नई दिल्ली, 3 अप्रैल। केंद्र सरकार ने कोशी-मेची नदी जोड़ परियोजना को मंजूरी दे दी है। 28 मार्च 2025 को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा…
17 लाख आदिवासी परिवारों पर बेदखली की तलवार : 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
नई दिल्ली, 27 मार्च। केंद्र सरकार की चुप्पी के चलते देशभर में लाखों आदिवासी और वनवासी समुदायों पर बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। देश के सौ से अधिक जन संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपना संवैधानिक कर्तव्य…
जल संकट गहराया, तो भविष्य में विश्व का सबसे बड़ा संघर्ष पानी के लिए होगा : पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी
तरुण भारत संघ के स्वर्ण जयंती वर्ष पर “पानी पंचायत” पुस्तक का भव्य विमोचन नई दिल्ली, 23 मार्च। जल संरक्षण के क्षेत्र में पिछले पाँच दशकों से महत्वपूर्ण कार्य कर रहे तरुण भारत संघ (तभासं) के स्वर्ण जयंती वर्ष के…
जल संरक्षण से कल सुरक्षित होगा
देश का 70 फीसदी भूजल स्रोत सूख चुके हैं और पुनर्भरण की दर 10 फीसदी से भी कम रह गई है। चेन्नई, बेंगलुरु जैसे शहर पानी की कमी को लेकर खबरों की सुर्खियों में है। इसलिए पीने योग्य पानी सभी…
World Water Day : सूने हैं पनघट और प्यासे हैं पोखर-ताल
विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक विश्व जल विकास रिपोर्ट जारी की जाती है जिसमें विभिन्न देशों में जल के संसाधनों, नागरिकों तक की जल की उपलब्धता, घटते भूजल के स्तर और किए जा…
Climate change : आग से जूझते जंगल
आजकल दुनियाभर में जंगल की आग सचमुच ‘जंगल की आग’ की तरह फैल रही है। सुदूर अमरीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से लगाकर हमारे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तक दावाग्नि की चपेट में आ रहे हैं। कैसे निपटें इस संकट से? दुनिया…
प्रयागराज महाकुंभ : सुनो तो गंगा क्या सुनाए?
प्रयागराज में महाकुंभ के समापन से पहले गंगा और यमुना के जल की शुद्धता को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। ‘केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ (सीपीसीबी) और ‘उत्तरप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ (यूपीपीसीबी) की जांच का निष्कर्ष विरोधाभासी है। प्रयागराज में…









