अंतरराष्ट्रीय

मानवाधिकार की 77वीं वर्षगांठ : आज़ादी, बराबरी और न्याय के वादे पर फिर सवाल

हम 10 दिसंबर को मानवाधिकारों का उत्सव मनाते है। उस दिन की स्मृति में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। यह घोषणा हमारे समाजों के मानवाधिकार ढांचे की रीढ़ है, जहां हममें…

बैंकिंग से बदलता भारत का परिदृश्‍य

आज के दौर में औपचारिक आर्थिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए बैंक बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। खासियत यह है कि बैंकों की यह सेवा छोटे-छोटे, स्थानीय ग्रामीणों से लगाकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है। क्या और कैसा है,…

इज़रायल कर रहा है फ़लस्तीनियों का नस्लीय नरसंहार

फ़लस्तीन यात्रा से लौटे विनीत तिवारी ने कहा फ़लस्तीन के साथ खड़ा होना इंसानियत का तकाज़ा इंदौर 27 नवंबर । फ़लिस्तीनियों को मानव अधिकारों से वंचित रखकर दुनिया भर से मौकापरस्त यहूदियों और अन्य धर्मों के लोगों को फ़लस्तीन की…

सदैव आकर्षण का केन्द्र रहा है खूबसूरत लाल ग्रह

रात के आकाश में टिमटिमाते तारों के बीच एक लाल चमकता ग्रह सदियों से मानव जिज्ञासा का केंद्र रहा है—मंगल। इसी रहस्यमय ‘रेड प्लेनेट’ को जानने और मेरिनर-4 के ऐतिहासिक प्रक्षेपण को याद करने के लिए हर वर्ष 28 नवंबर…

कॉप-30 सम्मेलन : ब्राजील जलवायु सम्मेलन के लिए पेड़ों पर कुल्हाड़ी

ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित कॉप-30 जलवायु सम्मेलन का उद्देश्य उष्णकटिबंधीय वनों की रक्षा बताता है, पर विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50 हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। सम्मेलन में आने वाले नेताओं और विशेषज्ञों…

ब्राज़ील कोप सम्मेलन के मौके पर पर्यावणविद राजेंद्र सिंह की अमेज़न यात्रा

कोप सम्मेलन में अमेज़न संरक्षण पर निर्णायक कदम उठाने का आह्वान बेलेम (ब्राज़ील), 10 नवंबर । अमेज़न नदी की उपधारा बामो की अध्ययन यात्रा के दौरान विश्वप्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता, तरूण भारत संघ के संंस्‍थापक, पानी वाले बाबा के नाम…

ब्राजील : जलवायु शिखर सम्मेलन कोप 30 और पृथ्वी की पुकार

ब्राजील के बेलेम शहर में जलवायु पर शिखर सम्मेलन COP30 शुरू हो रहा है, जिसमें 200 देशों के 50,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन 10 से 21 नवंबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना है।…

लोकतंत्र की तलाश : बिहार से लौटेगा या अमेरिका से?

लोकतंत्र की दुर्दशा से बेचैन भारतीय समाज एक ओर बिहार के चुनाव में बदलाव की उम्मीद देख रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका में उठे ‘नो किंग्स’ आंदोलन से प्रेरणा ले रहा है। जब सत्ता पूंजी के कब्जे में और…

विश्व खाद्य दिवस : खाली थालियाँ, भरे गोदाम: कैसी यह दुनिया हमारी?

जब दुनिया तकनीकी तरक्‍की पर गर्व कर रही है, तब भी करोड़ों लोग भूख से जूझ रहे हैं। हर साल 16 अक्‍टूबर को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य दिवस हमें याद दिलाता है कि विकास का असली मापदंड पेट भर…

भूख के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता एवं संकल्प का दिन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 16 अक्टूबर को World Food Day का आयोजन किया जाता है। 150 से अधिक देशों में सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों, स्कूल, कालेज एवं विश्वविद्यालयों द्वारा विश्व खाद्य दिवस के वार्षिक केंद्रीय विषय आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित कर भूख…