शिक्षा : बेबसी और उम्मीद के बीच झूलते स्कूल
बहुपठित उपन्यास ‘रागदरबारी’ के एक प्रसंग में कहा गया है कि लगता है, शिक्षा-व्यवस्था सड़क किनारे की ऐसी आवारा कुतिया है जिसे हर कोई गुजरता आदमी बेवजह लात जमा देता है। आजकल शिक्षा में किए जा रहे ना-ना प्रकार के…
शिक्षा : पढ़ाई के नाम पर पिटाई की परिपाटी
भारत में बच्चों को शारीरिक दंड देने की आदत यथावत बनी हुई है| बच्चे को अनुशासित करने में इसकी व्यर्थता साबित होने के बावजूद| पिटा हुआ और घायल बच्चा कभी ज़िम्मेदार नागरिक नहीं बन सकता| एक इंसान के रूप में…
प्रतिष्ठित विष्णु प्रभाकर राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा, डॉ. अनुभा पुंढीर, कमलेश कमल सहित 5 लोगों को मिलेगा सम्मान
कमलेश कमल (साहित्य), जनक दबे (पत्रकारिता), सीताराम (शिक्षा) और अर्पणा (कला) के लिए होंगें सम्मानित नई दिल्ली, 31 मई। प्लास्टिक के विरोध में गांव -गांव और शहर -शहर में सघन अभियान चलाने वाली डॉ. अनुभा पुंढीर को समाज सेवा और…
जुलाई से शुरू होगा भोपाल में देश का दूसरा अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय
शिक्षा, विकास और स्वास्थ्य से संबंधित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश आरंभ 12 मई, 2023, भोपाल : मध्य भारत के इलाके में देश का दूसरा अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल में शुरू होने जा रहा है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय,…
जिद्दू कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy : देखने और सुनने की कला बने शिक्षा का हिस्सा
12 मई : जन्म दिवस प्रसंग कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूल में शिक्षक और छात्र दोनों ही जीवन के बुनियादी सवालों की पड़ताल करें बगैर किसी दबाव के। यह पड़ताल बाहरी दुनिया से शुरू…
Youngshala यंगशाला : सीखने को संविधान
गहन-गंभीर, समझने में दुरूह और कई बार उबाऊ तक माना जाने वाला हमारा संविधान यदि करके देखा जाए तो कैसा होगा? भोपाल की ‘यंगशाला’ से जुडे कुछ युवाओं ने संविधान के विभिन्न आयामों को निश्चित समय के लिए अपने-अपने जीवन…
शिक्षा : शैक्षणिक परिसरों में समता और संविधान
देश के ‘प्रीमियम’ शिक्षण संस्थानों में भांति-भांति के दबावों के चलते होने वाली आत्महत्याएं और इनमें भी दलितों, आदिवासियों, पिछडों और अल्पसंख्यकों की बहुतायत हमारी शिक्षा-पद्धति से लगाकर सामाजिक ताने-बाने तक पर गंभीर सवाल खडे कर रही हैं। क्या हैं,…
पुणे में कब बनेगा सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय स्मारक
दुनिया में सावित्री बाई की प्रसिद्धि बढ़ती ही जा रही है। उसके कारण भीडे वाडा में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। सभी की इच्छा पूरी इमारत देखने की होती है कहां पर लडकियां पढ़ती थी।इतिहास जाने तो यह पता…
शिक्षा : बाधाओं के बीच भी बेहतर प्रबंधन के रास्ते खोजने की जरूरत
पिछले 20 वर्षों में हमने अलग-अलग राज्यों में शिक्षा विभाग के 100 प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ काम किया। उनमें से कम से कम 10 ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में अपने राज्य में शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित…
शिक्षा : किताबें हमारी विरासत
कहा जाता है कि किताबें हमारी विरासत का दस्तावेज होती हैं और इसलिए किताबों को घर-घर में जगह दी जानी चाहिए, किताबें केवल स्कूली न हों और न ही केवल स्कूली बच्चों को पढ़नी चाहिए, अपितु सबको पढ़नी चाहिये क्योंकि…








