Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

शख्सियत

सौ साल की सादगी, सेवा और संघर्ष का सफ़र – समाजवादियों के पितामह जी.जी. पारिख को अंतिम सलाम

मुंबई, 2 अक्‍टूबर। देश ने आज स्वतंत्रता संग्राम के उन अंतिम योद्धाओं में से एक को खो दिया। वरिष्ठ समाजवादी नेता, चिकित्सक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. गुणवंतराय गणपतलाल राय पारिख, जिन्हें सब प्रेम से जी.जी. पारिख कहते थे, का…

ओडिशा : सौ साल पहले ओडिशा में महात्मा गांधी

ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के साथ-साथ समाज सुधार और आत्मनिर्भरता की अलख जगाने वाले महात्मा गांधी का ओड़िशा प्रवास स्वतंत्रता आंदोलन का ऐतिहासिक अध्याय बन गया। 1921 और 1925 में कटक में हुए उनके प्रवास ने खादी, चरखे और…

जुबीन गर्ग : समय को साधता जुबीन का संगीत

कुछ दिन पहले गुवाहाटी में गायक, संगीतकार जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा में उमड़े लाखों लोगों ने साबित कर दिया है कि कलाएं यदि ईमानदार, जनपक्षीय और सहज हों तो कैसा चमत्कार हो सकता है? यह चमत्कार हमें भूपेन हजारिका,…

पर्वतारोही डॉ. हर्षवंती बिष्ट को मिलेगा वर्ष 2025 का केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार

गोपेश्वर, 26 सितंबर। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं शिक्षाविद् डॉ. हर्षवंती बिष्ट को वर्ष 2025 के केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्‍मान गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को बचाने और भोजपत्र के नए वन विकसित…

स्‍मृति शेष / एक और जगदीप !

जगदीप छोकर अब नहीं रहे। एडीआर के संस्थापक और लोकतंत्र में चुनावी सुधार के लिए समर्पित इस जुनूनी व्यक्ति की विदाई केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि एक विचार और संघर्ष की भी विदाई है। छोकर ने साबित किया कि…

जगदीप छोकर और ‘एडीआर’ : क्या उनके बिना भी ऐसा ही होता हमारा लोकतंत्र

12 सितंबर को प्रो. जगदीप छोकर के निधन से लोकतंत्र का एक प्रहरी चला गया। एडीआर की पहल से मतदाताओं को उम्मीदवारों की आपराधिक, आर्थिक व शैक्षिक पृष्ठभूमि जानने का अधिकार मिला और ‘नोटा’ विकल्प भी संभव हुआ। उनकी भूमिका…

आचार्य विनोबा भावे : आश्रम जीवन से सर्वोदय की ओर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी आचार्य विनोबा भावे स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम सत्याग्रही, भूदान-ग्रामदान आंदोलन के प्रवर्तक और ग्रामस्वराज के सशक्त प्रवक्ता रहे। महाराष्ट्र के गगोडा गाँव में जन्मे विनोबा ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान और सामाजिक सुधार…

भूदान से जयजगत तक : विनोबा भावे की प्रासंगिक विरासत

11 सितंबर को आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती पर हम उस महापुरुष को स्मरण करते हैं, जिसने सत्य, अहिंसा और सेवा को जीवन का मूलमंत्र बनाया। “जय जगत” का उनका संदेश विश्वबंधुत्व, न्याय और समता पर आधारित था। भूदान…

विनोबा जयंती : सरकार नियामत नहीं बरसाती

विनोबा भावे की जयंती हमें याद दिलाती है कि सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है। उनका विचार था कि गांव का भला गांव के लोगों के हाथ में है, न कि केवल सरकार…

ग्रामीण जीवन को समृद्ध बनाने में देवेंद्र कुमार गुप्‍ता के प्रौद्योगिकी प्रयोग आज भी उतने ही प्रासंगिक है : पद्मविभूषण चंडी प्रसाद भट्ट

ग्रामीण प्रौद्योगिकी के पुरोधा देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी वर्ष पर दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय संगोष्ठी सम्‍पन्‍न कुमार सिद्धार्थ की रिपोर्ट नई दिल्ली,31 अगस्‍त। ‘डॉ. देवेन्द्र कुमार गुप्‍ता जमीन से जुड़े सच्चे गांधीवादी वैज्ञानिक थे। जिनसे हमेशा प्रेरणा मिलती रहती थी…