गांधी दर्शन और विचार

गांधी विचार चिंतन शिविर में पारित हुआ ‘कौसानी घोषणा पत्र’ — युवाओं ने लिया रचनात्मक कार्य में भागीदारी का संकल्प

कौसानी, उत्तराखंड, 9 जून। Youth for Truth’ के तत्वावधान में 7 से 9 जून 2025 के बीच कौसानी के ऐतिहासिक अनासक्ति आश्रम में त्रिदिवसीय गांधी विचार चिंतन शिविर सम्‍पन्‍न हुआ। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा…

शांति और अहिंसा : युद्धों से यारी के निहितार्थ 

दुनिया भर में यह दौर युद्धों का है जिसमें माना जाता है कि भिन्न या विपरीत‍ विचारों और उन पर आधारित देशों को समाप्त हो जाना चाहिए। राष्ट्रवाद, महानता आदि की आड में लड़े जा रहे युद्धों ने व्यक्तिगत स्तर…

कौसानी : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ऐलान – एक महीने में कौसानी की शराब दुकान बंद नहीं हुई तो खुद लगाऊंगा ताला

देशभर से जुटे गांधीवादी और युवा कार्यकर्ता के बीच पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कौसानी, उत्तराखंड | 9 जून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कौसानी में शराबबंदी की माँग को अपना समर्थन देते हुए सोमवार को चेतावनी दी…

डरो मत, समाज बदलने के लिए आगे बढ़ो – पद्मश्री राधा भट्ट का युवाओं का आह्वान

कौसानी में Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ कौसानी, 8 जून। कौसानी के अनासक्ति आश्रम में गॉंधीजनों के Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए गांधीवादी विचारक पद्मश्री राधा बहन भट्ट ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डर…

कौसानी में गांधीवादी विचारकों और युवाओं का राष्ट्रीय शिविर 7 जून से

कौसानी, 6 जून। महात्मा गांधी की ऐतिहासिक तपोभूमि अनासक्ति आश्रम, कौसानी में शनिवार, 7 जून से देशभर के प्रमुख गांधीवादी विचारकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का तीन दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हो रहा है। गौरतलब है कि यह…

गाँधी : धीमी पत्रकारिता का सत्याग्रही संपादक

सबको मालूम है कि गाँधीजी कमाल के पत्रकार-संपादक थे। उनका अधिकांश लेखन अखबारों के लेख-टिप्पणियों, पत्रों और सूचनाओं की शक्ल में मौजूद है। अलबत्ता, लेखन की इस प्रक्रिया में वे अपने पाठक भी तैयार करते थे। कोई उनके (या किसी…

लोकतंत्र की कसौटी पर युवा मन : औरंगाबाद में जुटेंगे देशभर से युवा

1 से 7 जून तक औरंगाबाद में राष्ट्रीय युवा संगठन का 29वां राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 4 मई। आज का भारत जिन सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक संकटों से जूझ रहा है, वह युवाओं से सिर्फ सवाल नहीं, ठोस पहल…

18 अप्रैल: भूदान आंदोलन के माध्यम से संत विनोबा की अहिंसक क्रांति

जब दुनिया ने बदलाव के लिए हिंसा का शोर चुना, तब विनोबा भावे ने मौन पदचाप से क्रांति की इबारत लिखी। 18 अप्रैल 1951 को पोचमपल्ली से शुरू हुआ भूदान आंदोलन इस विश्वास का प्रतीक बन गया कि सच्चा परिवर्तन…

साम्प्रदायिकता के खिलाफ गांधीजी का ताबीज

हाल के दिनों में देशभर में साम्प्रदायिकता का जहर तेजी से फैला है और नतीजे में समाज का तीखा विभाजन हो रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी ही याद आते हैं। वे होते तो ऐसे हालातों में आखिर क्या करते?…

केंद्रीय गांधी स्मारक निधि में पूर्व जस्टिस मुरलीधरन, साहित्यकार अशोक वाजपेयी समेत चार नए न्यासियों का मनोनयन

नई दिल्ली, 25 मार्च। पूर्व ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्‍यायमूर्ति मुरलीधरन को केंद्रीय गांधी स्मारक निधि का नया न्यासी नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए निधि के अध्यक्ष रामचंद्र राही, सचिव संजय सिंह, राष्ट्रीय…