गांधी दर्शन और विचार

राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर : गांधी दर्शन, पर्यावरण और मानवता पर गहन विमर्श

गांधी दर्शन की समसामयिकता पर मंथन : सौरभ वाजपेयी और डी.एम. दिवाकर ने रखे विचार कौसानी, 14 अक्टूबर। हिमालय की गोद में स्थित कौसानी में चल रहे राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर के दूसरे दिन विचार सत्रों में…

समाज और दुनिया को बचाने के लिए आज भी महात्‍मा गांधी जरूरी हैं — राधा भट्ट

राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर का शुभारंभ — हिमालय से मिला जीवन का संदेश कौसानी, 13 अक्टूबर! महात्मा गांधी से जुड़ा उत्‍तराखंड का ऐतिहासिक अनासक्ति आश्रम, कौसानी इन दिनों युवा ऊर्जा और गांधी विचारों से गुंजायमान है। यहाँ…

‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा : ऐतिहासिक कालाकांकर में पदयात्रियों ने जलाई कॉर्पोरेट सामानों की होली

प्रतापगढ़, 13 अक्टूबर। सर्व सेवा संघ की नेतृत्व में जारी ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा आज 12वें दिन सुबह मानिकपुर के ज्वाला देवी धर्मशाला से निकलकर आलापुर पहुंची, जहाँ डॉ. अनुज सोनकर के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पदयात्रियों…

कुंडा, प्रतापगढ़ में हुआ ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा का स्वागत 

‘एक कदम गांधी के साथ’ वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का 11 दिन मानिकपुर, 12 अक्टूबर। सर्व सेवा संघ की नेतृत्व में 2 अक्टूबर को राजघाट, वाराणसी से शुरू हुई ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 11वें…

जेपी क्रांति को नैतिक व शास्वत प्रक्रिया मानते थे – रघु ठाकुर

लेखक शिवदयाल की पुस्तक ‘ जयप्रकाश : परिवर्तन की वैचारिकी ‘ का हुआ विमोचन भोपाल, 11 अक्टूबर। ‘ लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाज को मानसिक रूप से बदलने में विश्वास रखते थे। वे क्रांति को नैतिक और शास्वत प्रक्रिया में देखना…

‘‘एक कदम गांधी के साथ’’ पदयात्रा में गूंजा संदेश — अमन, आज़ादी और संवाद की रक्षा के लिए चल पड़ा कारवां

पदयात्रा के 10 वें दिन लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती पर पदयात्रियों ने लिया लोकतंत्र बचाने का संकल्प गोपालगंज, 11 अक्टूबर।  सर्व सेवा संघ के आव्‍हान पर ‘एक कदम गांधी के साथ — राजघाट से राजघाट तक पदयात्रा’ के दसवें दिन…

गांधीजी की आधुनिकता और उनके मापदंड

आम लोगों में महात्मा गांधी को उनके रहन-सहन, खान-पान और भाषा-भूषा के चलते गैर-आधुनिक, पिछडा और पारंपरिक मानने का चलन है, लेकिन क्या वे सचमुच वैसे थे? या आधुनिकता के उनके मापदंड आम लोगों से भिन्न थे, जिनका वे कडाई…

महात्मा गांधी के विचार नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक : राज्यपाल

भोपाल, 2 अक्टूबर। गांधी भवन,भोपाल के मुख्य सभागार में आयोजित गांधी जयंती समारोह में प्रदेश के राज्यपाल माननीय मंगू भाई पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और आदर्श नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं…

हिंद स्वराज से जलवायु संकट तक : गांधी की चेतावनी और आज की दुनिया

महात्मा गांधी ने हिंद स्वराज में जिस ‘सभ्यता’ को हालात कहा था, वही आज के जलवायु संकट की जड़ बन चुकी है। बापू ने सौ साल पहले चेतावनी दी थी कि अगर दुनिया यूरोप-अमेरिका के उपभोगवादी रास्ते पर चली, तो…

गांधीजी का महात्मा प्रबंधकीय कौशल

प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को गांधी के आंदोलनों, खासकर उनकी तैयारी के संदर्भ में देखें तो बहुत स्पष्ट रूप से उनका अमल दिखाई देता है। इस लिहाज से गांधी उस प्रबंधन के कारगर गुरु माने जा सकते हैं जिसे अनेक…