77वें गणतंत्र दिवस पर भारत अपनी उपलब्धियों पर गर्व करते हुए और चुनौतियों से आँख मिलाते हुए आत्ममंथन करता दिखाई देता है। युवा शक्ति, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी प्रगति देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है,…
संविधान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण काम उसे अमल में लाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते आजादी के अस्सी साल बाद भी हाशिये पर ही हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल में एक…
हम अपने गणतंत्र की 77वीं सालगिरह मना रहे हों, लेकिन क्या सचमुच हमारा लोकतंत्र उस तरफ बढ़ रहा है जिसकी उम्मीद हमने करीब आठ दशक पहले की थी? मसलन–क्या हमारी दो सदनों–लोकसभा, राज्यसभा–वाली संसद और राज्यों की विधानसभाएं अपेक्षित अवधि…
दुनियाभर के दिमागों को दुरुस्त करने वाली ‘ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट फिर हाजिर है। 19 से 23 जनवरी के बीच हो रहे ‘वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम’ के पहले दिन चेतावनी-स्वरूप जारी की गई इस रिपोर्ट ने दुनियाभर के आर्थिक विकास की पोलपट्टी…
26 नवम्बर भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का वह ऐतिहासिक क्षण है, जब देश ने समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित अपने भविष्य की दिशा तय की। संविधान दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस आधुनिक चेतना का सम्मान है,…
अब जब दुनिया-जहान को मथने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव जीतकर ‘एनडीए’ की सरकार बन गई है, पूरी चुनावी प्रक्रिया के निहितार्थों पर बात की जानी चाहिए। मसलन,क्या चुनाव जीतने का पवित्र कार्य हो जाने के बाद नीतीश कुमार और…
बिहार, जिसे भारतीय लोकतंत्र की प्रयोगशाला कहा गया है, आज फिर एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। ऐतिहासिक राजनीतिक चेतना और आंदोलनों की भूमि होने के बावजूद, यहां चुनावी परिदृश्य अब भी जाति, वर्चस्व, बूथ प्रबंधन और पैसों के प्रभाव…
लोकतंत्र की दुर्दशा से बेचैन भारतीय समाज एक ओर बिहार के चुनाव में बदलाव की उम्मीद देख रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका में उठे ‘नो किंग्स’ आंदोलन से प्रेरणा ले रहा है। जब सत्ता पूंजी के कब्जे में और…
उम्र के नौ दशक से अधिक वर्ष पार कर चुके पत्रकार, कॉमरेड एलएस हरदेनिया ने अपने इस लेख में विचार, खासकर अनूठे विचारों की जरूरत और मौजूदा समय की कमजोरियों पर उंगली रखी है। वे पूछते हैं कि बीसवीं, इक्कीसवीं…
आज के दौर का मीडिया, खासकर ‘सोशल मीडिया’ अपने द्वारा परोसी गई सूचनाओं से नागरिकों को जागरूक बनाए रखने की बुनियादी जिम्मेदारी से कहीं आगे बढ़ चुका है। उसकी इस ‘प्रगति’ ने जहां एक ओर नागरिकों को अपने आसपास की…