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गांधी की विरासत, अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया में गूंजता है

गांधी की विरासत, अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया में गूंजता है

“WE THE PEOPLE: गांधी के बाद अहिंसक आंदोलनों की वैश्विक यात्रा” विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन

नई दिल्ली। महात्मा गांधी के स्वतंत्रता, न्याय, समानता और अहिंसा के विचार आज भी दुनिया भर में लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। इसी संदेश को केंद्र में रखते हुए विशेष प्रदर्शनी “WE THE PEOPLE: गांधी के बाद अहिंसक आंदोलनों की वैश्विक यात्रा” का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में गांधी के बाद दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उभरे अहिंसक आंदोलनों की यात्रा और उन पर गांधी के विचारों के प्रभाव को सामने रखा गया है।

उद्घाटन समारोह में पोलैंड दूतावास के मिशन के उप प्रमुख श्री यारोस्लाव स्पायरा ने कहा कि “स्वतंत्रता के बिना शांति और लोकतंत्र संभव नहीं हैं।” उन्होंने याद किया कि गांधी ने स्वतंत्रता, न्याय और समानता के लिए निरंतर संघर्ष किया तथा जब भी लोगों को शक्तिशाली ताकतों द्वारा दमन, उनके अधिकारों से वंचित किए जाने या उनकी आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात का सामना करना पड़ा, तब वे उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि गांधी के निधन के 78 वर्ष बाद भी उनके आदर्श दुनिया भर में न्याय और मानवीय गरिमा के लिए चल रहे आंदोलनों को प्रभावित कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शनी वैश्विक स्तर पर अहिंसक प्रतिरोध की यात्रा पर गांधी के प्रभाव को सुंदर ढंग से दर्शाती है और यह साबित करती है कि उनका मार्ग आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

लिथुआनिया की राजदूत सुश्री डाइना मिकेविचिएने ने कहा कि गांधी को पूरी दुनिया में आशा के प्रतीक के रूप में स्वीकार और सम्मान किया गया है। उन्होंने कहा, “जब कोई आशा नहीं होती, तब गांधी ही आशा होते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि गांधी के विचारों ने लोगों की शक्ति, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की क्षमता को मजबूत किया। उनके अनुसार, गांधी का दर्शन आज भी न्याय और गरिमा की तलाश कर रहे आम लोगों को साहस प्रदान करता है।

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नई दिल्ली स्थित यूक्रेन दूतावास के मंत्री-परामर्शदाता एवं उप मिशन प्रमुख श्री आर्टेम नास्को ने स्वतंत्रता के संघर्ष में जन आंदोलनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यूक्रेन का स्वतंत्रता का इतिहास अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए लोगों के एकजुट होने की शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज भी यूक्रेन जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनके बावजूद वहां के लोगों की भावना मजबूत बनी हुई है। उनके अनुसार, गांधी के विचार उस आंतरिक विश्वास और दृढ़ संकल्प को मजबूत करते हैं, जिसकी आवश्यकता शक्तिशाली ताकतों के सामने भी स्वतंत्रता और न्याय के लिए मजबूती से खड़े रहने हेतु होती है।

श्रीलंका की उच्चायुक्त महामहिम सुश्री महिशिनी कोलोन्ने ने 1927 में महात्मा गांधी की श्रीलंका की ऐतिहासिक यात्रा को याद किया। उस समय गांधी ने पूरे द्वीप की व्यापक यात्रा की थी और वहां के लोगों से संवाद किया था। उन्होंने कहा कि गांधी का श्रीलंकाई समाज पर गहरा और स्थायी प्रभाव रहा है। बचपन से गांधी और नेहरू के बारे में सुनी गई कहानियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों आज भी श्रीलंका में जन आंदोलनों और सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक व्यक्तित्व बने हुए हैं।

उन्होंने डॉ. ए. टी. अरियारत्ने द्वारा स्थापित और नेतृत्व किए गए सर्वोदय आंदोलन के उल्लेखनीय योगदान पर भी प्रकाश डाला। यह आंदोलन दशकों से आम लोगों को सशक्त बनाने, समुदायों को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर लोगों को अपनी आवाज उठाने का अवसर देने के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन समकालीन समाज में गांधीवादी मूल्यों की निरंतर प्रासंगिकता का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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प्रदर्शनी का परिचय देते हुए ए. अन्नामलाई ने बताया कि गांधी के विचार किस प्रकार सीमाओं और पीढ़ियों को पार करते हुए दुनिया भर में शांति, न्याय, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के लिए चलने वाले आंदोलनों को प्रेरित करते रहे हैं। यह प्रदर्शनी गांधी के बाद उभरे और विकसित हुए अहिंसक आंदोलनों की वैश्विक यात्रा को दर्शाती है और यह बताती है कि अन्याय तथा उत्पीड़न का सामना करने वाले व्यक्ति और समुदाय आज भी उनके दर्शन से प्रेरणा लेते हैं।

गांधी स्मारक निधि के सचिव संजय सिंह ने विशिष्ट अतिथियों का खादी वस्त्र भेंट कर स्वागत किया। खादी गांधी के दर्शन से जुड़े सादगी, आत्मनिर्भरता और श्रम की गरिमा जैसे स्थायी मूल्यों का प्रतीक है।

“WE THE PEOPLE: गांधी के बाद अहिंसक आंदोलनों की वैश्विक यात्रा” प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली है और यह पहले ही दिल्ली आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यह केवल ऐतिहासिक आंदोलनों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह इस बात पर विचार करने का अवसर भी प्रदान करती है कि साहस, एकता, सत्य और अहिंसक कार्रवाई के माध्यम से आम लोग किस प्रकार परिवर्तन ला सकते हैं।

यह प्रदर्शनी वर्तमान पीढ़ी को एक महत्वपूर्ण और समयानुकूल संदेश देती है: गांधी के तरीके भले ही इतिहास का हिस्सा हों, लेकिन स्वतंत्रता, न्याय, समानता, शांति और अहिंसा के मूल्य मानवता के भविष्य के लिए आज भी उतने ही आवश्यक हैं।

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