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जयपुर के विनोबा ज्ञान मंदिर में आयोजित हुई विनोबा जयंती

जयपुर। आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती का आयोजन विनोबा ज्ञान मंदिर, बापू नगर, जयपुर में किया गया। इस अवसर पर जयपुर के विभिन्न उच्च माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विनोबा ज्ञान मंदिर, गांधी की गतिविधियों का खास हिस्सा रहा है| यह संस्थान स्वतंत्रता आंदोलन और रचनात्मक कार्यों से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का गवाह रहा है|  रचनात्मक कार्यकर्ताओं का प्रमुख केंद्र रहा है।

विनोबा ज्ञान मंदिर के मंत्री डॉ अवध प्रसाद ने बताया कि इसी उद्देश्य से विनोबा जयंती के अवसर पर गांधी के निकटतम सहयोगी जमनालाल बजाज परिवार की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर विद्यालयों में लेख एवं भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं थी। आपको बताते चलें कि जमनालाल बजाज मूलतः राजस्थान से थे और उन्होंने यहां के रचनात्मक कार्यों का मार्गदर्शन किया था। विनोबा ज्ञान मंदिर ने उनके संबंध में पठनीय सामग्री भी उपलब्ध कराई है ।इस अवसर पर आयोजित हुए कार्यक्रम में विनोबा ज्ञान मंदिर से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई।

इस आयोजन में कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया जिसमें प्रमुख विद्यालय थे–गीता बजाज बाल मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर , प्रेम निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर,विनय भारती माध्यमिक विद्यालय, जयपुर,वीर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर, श्वेतांबर जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर  |

प्रत्येक विद्यालय के तीन विजेताओं को प्रमाण पत्र, प्रेरक साहित्य एवं नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही कुल 16 प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने  भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोबा ज्ञान मंदिर संस्था के अध्यक्ष डॉ. डी.एस. भंडारी ने की। इस अवसर पर उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों ने जमनालाल बजाज और उनके परिवार के योगदान की विस्तार से जानकारी दी तथा राजस्थान में उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। डॉ. भंडारी ने छात्रों और शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में हमारे राष्ट्रीय नेताओं के योगदान को समझने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में संस्था के अनेक पदाधिकारी कल्याण सहाय  गुप्ता, बी एल लशकरी और रचनात्मक कार्यों में सक्रिय राजेंद्र कुम्भज,गोपाल शरण आदि भी मौजूद थे |

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