अमरीका भारत से जीएम फसलों पर प्रतिबंध हटाने और कृषि शुल्क कम करने का दबाव बना रहा है, ठीक उसी समय नीति आयोग का दस्तावेज इन मांगों को स्वीकार्य रूप में पेश करता है। जीएम फसलों और सस्ती मक्का के…
विचित्र विडंबना है कि जिस देश में दुनिया की तीसरी बडी अर्थव्यवस्था बनाने के जतन जारी हों, वहां आत्महत्याओं में लगातार बढ़ौतरी होती जाए। क्या खुद अपनी जान लेने के कठिन निजी फैसले में देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, राजनीतिक…
मूलवासी बचाओ मंच पर लगा प्रतिबंध हटे, बंदी सदस्यों की रिहाई हो नई दिल्ली, 23 जून। देशभर के सौ से अधिक वरिष्ठ वकीलों, कानून शोधकर्ताओं और विधि विद्यार्थियों के एक मंच “नेशनल एलायंस फॉर जस्टिस, अकाउंटेबिलिटी एंड राइट्स (NAJAR)” ने…
रोजगार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए एक तजबीज आई है – स्टार्टअप, लेकिन उन्हें परवान चढाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। मसलन – स्टार्टअप को कारगर बनाने के लिए गंभीरता से किया गया शोध। तैयारी की…
सितार समेत तरह-तरह के तार-वाद्यों के निर्माण के लिए विख्यात दक्षिण महाराष्ट्र का शहर मिरज भारतीय शास्त्रीय संगीत का केन्द्र भी है। सितार बनाने वाले शिकलगार, जिन्हें कई जगहों पर अपराधी माना जाता है, डेढ़ सौ साल पहले तक हथियार…
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, दवाओं की बढ़ती कीमतें और निजी अस्पतालों की मनमानी पर जताई गहरी चिंता लखनऊ, 20 जून। उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया के विरोध में अब जन स्वास्थ्य अभियान, उत्तर…
फरवरी से बौद्ध समाज भगवान बुद्ध के निर्वाण-स्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर के सामने धरने पर बैठे हैं। वजह है – प्रबंधन में ब्राम्हणवादी तौर-तरीकों का बढ़ता दबाव। इतिहास बताता है कि अपने समय में साक्षात गौतम बुद्ध और बाद…
सुरेश उपाध्याय लौटा मन अतीत की ओर’ डा. भोलेश्वर दुबे का वन अलाइन पब्लिकेशन, दिल्ली से प्रकाशित अपनी जन्मस्थली ‘सीतामऊ’ की स्मृतियों पर आधारित आलेख संकलन है। सत्तर के दशक की स्मृतियों को डा. दुबे ने 13 खंडों के माध्यम…
17 जून : विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण आज वैश्विक संकट बन चुके हैं, जो दुनिया की एक-तिहाई भूमि और अरबों लोगों की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं। भारत में स्थिति और भी गंभीर है,…
नईदिल्ली, 16 जून। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े महेश शर्मा पहाड़ी आदिवासी क्षेत्रों में सैकड़ो जीवन शालाओं के बखूबी संचालन के लिए जाने जाते हैं। अत्यंत सीमित संसाधनों और स्थानीय बोलियां में दी जाने वाली जीवनशाला से शिक्षा पाकर निकले…