समाज सेवा के लिए महेश शर्मा को मिलेगा विष्णु प्रभाकर राष्ट्रीय सम्मान

नईदिल्‍ली, 16 जून। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े महेश शर्मा पहाड़ी आदिवासी क्षेत्रों में सैकड़ो जीवन शालाओं के बखूबी संचालन के लिए जाने जाते हैं। अत्यंत सीमित संसाधनों और स्थानीय बोलियां में दी जाने वाली जीवनशाला से शिक्षा पाकर निकले छात्र और छात्राएं आज प्रशासन, खेल, चिकित्सा और समाज सेवा आदि क्षेत्रों में अपने योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा महेश शर्मा का स्वास्थ्य, पशुपालन, खेती और देसी बीज और जैविक विधि से पोषक खाद्यान्न पैदा करने और कृषकों की मदद देने आदि क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय  योगदान रहा है। उनको विख्यात साहित्यकार विष्णु प्रभाकर की याद में दिल्ली में 21 जून को होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा इस बार तीन युवा हस्तियों को विष्णु प्रभाकर राष्ट्रीय साहित्य सम्मान दिया जाएगा। जिनमें गुजराती की साहित्यकार अंजना गोस्वामी (भावनगर), तेलगू की डॉ. सिरी (नलगोंडा,तेलंगाना) और हिंदी-अंग्रेजी में लिखने वाली डॉ. संजना साइमन (दिल्ली) के नाम शामिल हैं। डॉ. साइमन किन्नर समुदाय  की है और किन्नरों के हक के लिए संघर्षशील रहती हैं।

विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान के मंत्री अतुल प्रभाकर के मुताबिक यह सम्मान विष्णु प्रभाकर की याद में उनकी जयंती पर 21 जून को नई दिल्ली में सन्निधि सभागार में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। सन्निधि संगोष्ठी की ओर से पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय युवा हस्तियों को सम्मानित किया जाता रहा है।

इस बार साहित्य के अलावा कला-संगीत के लिए डा. नरेंद्र रामभाई शास्त्री (अहमदाबाद) को,  समाजसेवा एवं शिक्षा के लिए पूनम माथुर (दिल्ली) को, पर्यावरण एवं खेती के लिए महेश भाई (बिलासपुर) को तथा शिक्षा/पुस्तकालय के लिए दिल्ली की वीना गांधी को सम्मानित किया जाएगा।

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