उपन्यास : कुछ सवाल, कुछ बेचैनी का संसार है ‘कबिरा सोई पीर है’
जगमोहन सिंह कठैत पुस्तक समीक्षा “काबिरा सोई पीर है” को पढ़कर पूरा किये काफी दिन हो गए हैं लेकिन यह किताब दिमाग से उतर नहीं रही है। तो इसके बारे में लिखना जरूरी लगा। शुरू में ही इस बात को…
ओडिशा की नदियों पर संकट गहराया, राज्यस्तरीय सम्मेलन में उठी नदी नीति और श्वेत पत्र की मांग
पर्यावरणविद् राजेन्द्र सिंह बोले— ओडिशा की नदियों का स्वास्थ्य खराब होगा, तो राज्य का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहेगा भुवनेश्वर, 13 जून। महानदी बचाओ आंदोलन और ओडिशा नदी सुरक्षा समिति द्वारा आयोजित ओडिशा नदी सुरक्षा सम्मेलन में राज्य की नदियों…
पर्यावरणविद् आलोक शुक्ला बोले : हसदेव बचाओ आंदोलन ने देश भर में बढ़ाई पर्यावरण चेतना
भोपाल, 13 जून। हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन ने देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर युवाओं और नागरिक समाज में नई चेतना और सक्रियता पैदा की है। अब केरल से लेकर जम्मू तक युवा पर्यावरण के सवालों पर एकजुट होकर आवाज़…
ओडिशा में जन आंदोलनों पर राज्य दमन के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर निंदा
24 कार्यकर्ताओं और आदिवासियों के प्रवेश पर दो माह की रोक पर नागरिकों ने जताई गहरी चिंता मुंबई, 13 जून। ओडिशा के रायगडा जिले में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ…
9 से 24 जून तक ‘जन स्वाभिमान यात्रा’ गुजरेगी बालाघाट और मंडला बहुल गांवों से
आदिवासी क्षेत्रों में शांति और सुशासन की पहल हेतु जन स्वाभिमान यात्रा आरंभ मंडला/बालाघाट। जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल द्वारा 9 जून से 24 जून 2025 तक ‘जन स्वाभिमान यात्रा’ निकाली जा रही है। यह यात्रा धरती आबा बिरसा मुंडा की…
कृषि : बारह अनाजों वाली ‘बारहनाजा’ पद्धति
बरसों-बरस के अनुभव और तौर-तरीकों से विकसित हुई कृषि पद्धतियों में उत्तराखंड सरीखे पहाडी इलाकों की ‘बारहनाजा’ पद्धति भी है जिसमें स्थानीय संसाधनों, बीजों और पौष्टिकता से भरपूर उत्पादन इंसानों, पशुओं और जीव-जन्तुओं का पेट भरती है। खेती-किसानी के आर्थिक…
गोडावण वाले राधेश्याम विश्नोई : थार में जीवन का प्रहरी
स्मृति शेष यदि आप जैसलमेर की किसी भी गली में यह पूछें कि क्या किसी ने गोडावण देखा है, तो जवाब में राधेश्याम विश्नोई Radheshyam Pemani Bishnoi का नाम अवश्य सुनने को मिलेगा। गोडावण, यानी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड—वह दुर्लभ पक्षी,…
बाजार : ‘मुट्ठी’ में शीतलपेय
इन दिनों शीतलपेय की आक्रामक मंडी थोड़ी ठंडी दिखाई दे रही है। हर साल की तरह भांति-भांति के शीतलपेय बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए बाजारों में नहीं आए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी वजह एक नया, जमा-जमाया…
Environmental refugees : दुनिया में पर्यावरण शरणार्थियों की बढ़ती समस्या
जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं अब सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि मानवीय संकट बन चुकी हैं। पिछले एक दशक में दुनिया भर में करोड़ों लोग बाढ़, सूखा, तूफान और समुद्र स्तर बढ़ने के कारण अपने घरों से उजड़ चुके हैं। विशेष…
जाति जनगणना और पसमांदा मुसलमान
हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…









