Year: 2022

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के लिए खादी की अनिवार्यता समाप्त किये जाने की निंदा

दिल्‍ली में अगस्त क्रांति दिवस’ पर सर्व सेवा संघ का संकल्प सत्याग्रह 9 अगस्त 2022, नई दिल्ली। गांधी विचार की राष्ट्रीय शीर्ष संस्था सर्व सेवा संघ द्वारा नागरिक अधिकारों, धार्मिक सद्भाव और खादी की रक्षा के लिए ‘अगस्त क्रांति दिवस’…

पूंजी के निर्माण में वितरण की अहमियत

अकूत पूंजी के सतत निर्माण को विकास मानने वाली मौजूदा अवधारणा में उसके न्यायपूर्ण वितरण और जरूरत-भर खर्च का कोई स्थान नहीं है। एक तरफ ‘दिन दूनी, रात चौगुनी’ बढती पूंजी और दूसरी तरफ, कुछ लोगों के हाथ में उसका…

विकास : प्रगति की पहचान के सूत्र

इंसानी तरक्की को मापने के लिए ‘सकल घरेलू उत्पाद’(जीडीपी) जैसे जिन पैमानों का उपयोग किया जा रहा है, क्या वे सचमुच हमारे विकास को बता पाते हैं? क्या इनसे समाज में मौजूद गैर-बराबरी, अन्याय, हिंसा, शोषण आदि को भी मापा…

आत्महत्या : सजा का प्रावधान न्यायोचित नहीं

जीने के अधिकार में माननीय गरिमा के साथ जीना सम्मिलित है। जब तक व्यक्ति के जीवन का समापन प्राकृतिक रूप से नहीं होता है तब तक यह अधिकार यथावत रहेगा। भारतीय कानून आत्महत्या को अपराध मानता है तथा वह कुछ…

मोनार्क तितलियां : एक दशक में 72 प्रतिशत तक घटी आबादी

हाल ही में वैज्ञानिकों ने नारंगी-काले पंखों वाली मोनार्क तितली की तेज़ी से घटती संख्या के मद्देनज़र संकटग्रस्त प्रजाति की सूची में डाल दिया है। अनुमान है कि उत्तरी अमेरिका में मोनार्क तितलियों की आबादी 10 वर्षों में 22-72 प्रतिशत…

गांधी के सामने फिर से सावरकर

‘गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति’ की मासिक पत्रिका ‘अंतिम जन’ के ‘वीर सावरकर अंक’ ने एक बार फिर गांधी और सावरकर के विरोधाभासों को उजागर कर दिया है। गांधी जिन मूल्यों, विचारों को लेकर जीवनभर चले थे, सावरकर उसके ठीक…

जलवायु परिवर्तन मीथेन उत्सर्जन में और वृद्धि करेगा

धरती को गर्म करने के मामले में मीथेन भी कार्बन डाईऑक्साइड से कुछ कम नहीं है। मीथेन पृथ्वी के बढ़ते तापमान में एक तिहाई वृद्धि के लिए ज़िम्मेदार है। वर्ष 2006 लेकर अब तक मीथेन उत्सर्जन में 7 प्रतिशत वृद्धि…

पर्यावरण बचाने से ही सार्थक होगा, शिव का सावन

हिन्दू परम्पराओं में लगभग सभी देवी-देवता पर्यावरण और उसके संरक्षण से जुडे हैं। इन दिनों श्रावण या सावन का महीना है जिसमें सतत शिव को स्मरण करते रहने का रिवाज है, लेकिन क्या हम कभी उस प्रकृति और पर्यावरण को…

GST बनाम गब्‍बरसिंह टैक्‍स : हमारा पैसा हमारा हिसाब

जीएसटी की शुरुआत टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और डबल टैक्स से बचने के लिए की गयी थी। लेकिन अब हर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीज पर टैक्स देना पड़ रहा है। इसमें सबसे नया है- आटा,…

श्रीलंका : सत्ताओं की सियासत

पडौसी श्रीलंका की मौजूदा उठा-पटक में वहां के भगोडे राष्ट्रपति नंदसेना गोटाबाया राजपक्षे को संकट में मिली मदद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्ताएं एक-दूसरे की मददगार होती हैं और वे सब अंतत: जनता की मुखालिफत…