Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2022

खाद्यान्न की बर्बादी : खतरे में खाद्यान्न

दुनियाभर में सबके लिए पेट-भर भोजन एक बडी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन उससे पार पाने के लिए कोई कारगर उपाय सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, बडी मात्रा में खाद्यान्न की बर्बादी इस संकट की विडंबना को…

मध्यकालीन इतिहास में मोहब्बत के संदेश

जातियों और धर्मों में विभाजित हमारे समाज का एक बडा संकट, एक-दूसरे की अज्ञानता से उपजी हिंसक असहमतियां भी हैं। कतिपय राजनीतिक जमातें इसी अज्ञानता का लाभ लेकर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भडकाती रहती हैं। मसलन – मध्यकालीन इतिहास…

अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता : बच्चों की बेहतरी का एक समझौता

पिछले कुछ दशकों से बच्चों के हित में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक समझौते होते रहे हैं, लेकिन, ऐसे कई समझौतों की तरह उनका भी पालन नहीं हुआ है। करीब 33 साल पहले हुआ ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता’ ऐसा ही…

क्‍या है ‘इलेक्शन बांड’ के खतरे

जगदीप एस. छोकर हाल के वर्षों में चुनाव, खासकर संसद और विधानसभाओं के चुनाव भारी-भरकम पूंजी की दम पर लडे जाने लगे हैं। यह पूंजी ‘इलेक्शन बांड’ की मार्फत राजनीतिक दलों तक पहुंचती है। अलबत्ता, ‘भारतीय स्टेट बैंक’ से बेचे…

पर्यावरण पर भी प्रहार कर रहा है, रूस-यूक्रेन युद्ध

दशकों की माथापच्ची के बाद जिस कार्बन डाइ-ऑक्साइड के उत्सर्जन पर लगाम लगाने और नतीजे में जलवायु परिवर्तन को काबू में करने की धुंधली सी उम्मीद बनी थी, रूस-यूक्रेन युद्ध ने उसे मटियामेट कर दिया है। अब कोयले से बिजली…

झूठे साबित हुए किसानों की आय दोगुना करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के दावे

हजारों किसानों द्वारा की जाएगी दिल्ली में गर्जना, सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश डॉ. सन्तोष पाटीदार भारतीय किसान संघ प्रदेश के बाद अब केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन…

Health : मधुमेह – कोविड की विरासत

दुनियाभर में कमोबेश माना जाने लगा है कि या तो कोविड-19 लगभग समाप्त हो गया है या फिर हम उसके साथ जीने के लिए तैयार हो गए हैं, लेकिन हाल के कुछ शोध बता रहे हैं कि कोविड ने एक…

‘आजादी के अमृत महोत्सव’ में उपेक्षित पर्यावरण

कोई देश हो, संगठन हो या कोई व्यक्ति, सभी को अपनी-अपनी वर्षगांठ उत्सव-उत्साह के अलावा अपने किए-धरे और मौजूदा हालातों की समीक्षा के साथ मनाना चाहिए। इस लिहाज से हम अपने देश की आजादी के 75 सालों का लेखा-जोखा करें…

यंगशाला द्वारा भोपाल गैस त्रासदी के 38 सालों के संघर्ष पर युवाओं के साथ संवाद

भोपाल, 4 दिसंबर । युवाओं का अनौपचारिक समूह यंगशाला रूबरू में भोपाल गैस त्रासदी के 38 सालों के दर्द और संघर्ष की कहानियों से युवा रूबरू हुए। चर्चा में पूर्व हेड मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट, मध्य प्रदेश डॉ. डी के सथपथी…

बैंकों की बदहाली और निजीकरण का खतरा

किसी भी देश की आर्थिक सेहत में बैंकों की भूमिका अहम होती है,लेकिन आजकल तीसरी दुनिया, खासकर भारत सरीखे देशों में बैंकों को आम जनता को लूटने की नायाब तरकीब की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। नतीजे में समूचा…