Suicide

समाज : अमीर होते देश में आत्महत्या करते लोग

विचित्र विडंबना है कि जिस देश में दुनिया की तीसरी बडी अर्थव्यवस्था बनाने के जतन जारी हों, वहां आत्महत्याओं में लगातार बढ़ौतरी होती जाए। क्या खुद अपनी जान लेने के कठिन निजी फैसले में देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, राजनीतिक…

KIIT भुवनेश्वर : सीखने लायक नेपाल

अभी कुछ दिन पहले उडीसा के एक निजी संस्थान में नेपाली छात्रा की आत्महत्या और प्रतिकार करने पर सैकडों नेपाली छात्रों को संस्थान से निकाल दिए जाने को लेकर नेपाल में भारी बवाल मचा है। इस दबाव में जांच समिति…

डॉक्टरों की बढ़ती आत्महत्याएं : चिकित्सकों को चिकित्सा की जरूरत

भांति-भांति की सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक समस्याओं के अलावा खुद के मुकाबले मरीजों की बढ़ती संख्या डॉक्टरों को गहरे तनाव का शिकार बना रही है। नतीजे में जीवन देने वाले डॉक्टर खुद अपनी जान लेने को उतारू हो रहे हैं। आखिर क्यों हो…

बच्चों में बीमारी : डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य

अब तक जीवन-पद्धति से उपजी मानी जाने वाली बीमारी डायबिटीज या मधुमेह अब छोटे बच्चों में भी अपने पैर पसारने लगी है। जाहिर है, यह परिस्थिति सरकार, समाज और परिवार, सभी के सरोकार की है। अपने पास-पडौस के किसी बच्चे…

आत्महत्याओं के साथ मानसिक बीमारियों में भी फंसा है, किसान

पार्थ एम.एन. अब तक किसानों की व्याधियों के नतीजों में सबसे ऊपर आत्महत्याएं भर थीं, लेकिन हाल के अध्ययन बता रहे हैं कि मानसिक बीमारियों ने भी किसानों को हलाकान कर रखा है। क्या है, किसानों के मनोविकार की वजहें?…

‘जलवायु परिवर्तन’ के जबाव में ‘जन्म-हड़ताल’ birth strike

सत्तर के दशक से जोर पकड़ते पर्यावरण-प्रदूषण ने अब ऐसे ‘जलवायु परिवर्तन’ climate change तक की यात्रा पूरी कर ली है जिसमें माताएं बच्चों को जन्म तक देने से बचना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध…

शिक्षा : शैक्षणिक परिसरों में समता और संविधान

देश के ‘प्रीमियम’ शिक्षण संस्थानों में भांति-भांति के दबावों के चलते होने वाली आत्महत्याएं और इनमें भी दलितों, आदिवासियों, पिछडों और अल्पसंख्यकों की बहुतायत हमारी शिक्षा-पद्धति से लगाकर सामाजिक ताने-बाने तक पर गंभीर सवाल खडे कर रही हैं। क्या हैं,…

आत्महत्या : सजा का प्रावधान न्यायोचित नहीं

जीने के अधिकार में माननीय गरिमा के साथ जीना सम्मिलित है। जब तक व्यक्ति के जीवन का समापन प्राकृतिक रूप से नहीं होता है तब तक यह अधिकार यथावत रहेगा। भारतीय कानून आत्महत्या को अपराध मानता है तथा वह कुछ…