Constitution

18वीं लोकसभा : संसद के सलीके

पिछले महीने गठित देश की ताजा-तरीन 18वीं लोकसभा क्या सचमुच हमारे लोकतंत्र की संरक्षक हो पाएगी? उसके उद्घाटन-सत्र में ही जिस तरह के कारनामे हुए, क्या वे लोकतंत्र में भरोसा करने वाले नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरे उतरते दिखते हैं?…

साहित्‍य : अंधायुग और कविता की पुकार

चंद्रकांत देवताले समाज के सुख दुख को अपने साहित्‍य में स्‍थान देने वाले यशस्वी कवि चंद्रकांत देवताले ने मूल रूप से हिंदी कविता में बदलाव के पक्षधर रहे हैं। साहित्‍यकार देवताले अपने समय और भविष्य के कवि थे। वे सच…

चुनावी चंदे से चांदी काटते कॉर्पोरेट

इन दिनों ‘चुनावी बॉन्डों’ को लेकर सर्वोच्च अदालत और उसके बाहर बहसा-बहसी जारी है। इस योजना पर कईयों में से कुछ आरोप हैं – सत्तारूढ पार्टी को चंदा देकर कॉर्पोरेट, निजी हित साधना, सभी राजनीतिक पार्टियों को समान रूप से…

संविधान : सभ्यता के संरक्षण के लिए आंबेडकर के विचार

क्या हमारा संविधान रचने वालों ने कभी मौजूदा हालातों की कोई कल्पना की थी? क्या वे देख पा रहे थे कि देश सात-साढ़े सात दशकों में कहां-से-कहां पहुंच जाएगा? डॉ. आंबेडकर को शायद इसका भान था और इसीलिए वे बार-बार…

2014 के बाद का भारत : संकट में गणतंत्र

76 वें स्‍वतंत्रता दिवस पर विशेष आजादी के लगभग साढे़ सात दशकों बाद यह सीधा, सरल और सहज सवाल तो उठता ही है कि आखिर इतने सालों में हमने क्या हासिल किया? हम कहां पहुंचे? इस सवाल का कई लोगों…

छत का छलावा बनाम रियायती आवास योजना

इंसानी वजूद के लिए रोटी, कपडा के बाद मकान तीसरा सर्वाधिक जरूरी संसाधन है, लेकिन हमारे देश में पहली और दूसरी जरूरतों की तरह इसका भी भारी टोटा है। समय-समय पर तत्कालीन सरकारें कुछ-न-कुछ करती तो हैं, लेकिन उससे सबके…

Youngshala यंगशाला : सीखने को संविधान

गहन-गंभीर, समझने में दुरूह और कई बार उबाऊ तक माना जाने वाला हमारा संविधान यदि करके देखा जाए तो कैसा होगा? भोपाल की ‘यंगशाला’ से जुडे कुछ युवाओं ने संविधान के विभिन्न आयामों को निश्चित समय के लिए अपने-अपने जीवन…

लोकतंत्र : सत्ता का चहेता ‘चुनाव आयोग’

केन्द्र की सत्ता पर काबिज पार्टियों की मनमर्जी से मनचीते चुनाव आयुक्तों की बहाली पर अब सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले से रोक लगने की संभावना है,लेकिन क्या यह मौजूदा राजनीतिक जमातों के चलते संभव होगा? क्या बेलगाम लोकतांत्रिक…

लोकतंत्र, संविधान व धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संघर्ष में सहभागी और पहल करने का संकल्प

48 वें सर्वोदय समाज सम्मेलन के अंतिम दिन राजनीतिक प्रस्ताव पारित Sewagram सेवाग्राम, वर्धा,16 मार्च, 2023। 48वें सर्वोदय समाज सम्मेलन sarvodaya samaj sammelan के समापन पर एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित करके मौजूदा सत्ता की वैचारिकी पर देश के अहिंसक समाज…

‘पेसा’ के प्रभाव : कितना मानेंगे, सरकारी मोहकमे

संसद में अपने पारित होने के करीब 26 साल बाद मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटैल ने ‘पंचायत उपबंध (अधिसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम – 1996’ यानि ‘पेसा’ को लागू करने के लिए संबंधित विभागों की सहमति मांगी है। जैसा आमतौर…