विनोबा जयंती 11 सितंबर से शुरू होगा राजघाट वाराणसी में 100 दिवसीय सत्याग्रह
वाराणसी । स्वतंत्रता आंदोलन के प्रथम सत्याग्रही आचार्य विनोबा भावे की 129 वीं जयंती 11 सितंबर से सर्व सेवा संघ, राजघाट, वाराणसी परिसर के विध्वंस के विरुद्ध और पुनर्निर्माण के लिए 100 दिन का सत्याग्रह प्रारंभ हो रहा है, जो…
जलवायु परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हाशिए के समुदाय
प्रख्यात पर्यावरणविद और वैज्ञानिक सौम्या दत्ता का व्याख्यान भोपाल। क्लाइमेट जस्टिस मुहिम, भोपाल द्वारा आयोजित “जलवायु न्याय, नीतियाँ और हाशिए के समुदाय” विषय पर परिचर्चा एकता परिषद कार्यालय, गांधी भवन भोपाल में आयोजित हुई। इसमें प्रख्यात पर्यावरणविद और वैज्ञानिक, पूर्व…
एजी नूरानी : एक उद्भट विद्वान की विदाई
जो लोग ‘द हिन्दुस्तान टाइम्स,’ ‘द हिन्दू,’ ‘द स्टेट्समैन,’ ‘फ्रंटलाइन,’ ‘इकॉनॉमिक एण्ड। पोलिटिकल वीकली,’ यहां तक कि पाकिस्तान के ‘डॉन’ और हिन्दी के ‘दैनिक भास्कर’ में एजी नूरानी को लगातार पढ़ते-गुनते रहे हैं, उनकी दर्जनों किताबों को पढ़ते-समझते रहे हैं,…
उत्तराखंड : खुद के भरोसे की खेती
अपनी समझ और संसाधनों की उपलब्धता के चलते किसान कई बार खेती की ऐसी पद्धति वापरते हैं जिससे एक तरफ तो पर्यावरण का संरक्षण होता है और दूसरी तरफ, जीवन जीने लायक उपज मिल जाती है। हिमालय के सुदूर ग्रामीण…
समाज : निजी बदलावों से ही बदलेगा समाज
सब जानते हैं कि समाज को बदलने की शुरुआत निजी जीवन के बदलावों से होती है, लेकिन आम तौर पर इस जानी-पहचानी अवधारणा को हम अनदेखा करते रहते हैं। आदर्श जीवन कुछ बहुत ख्याति प्राप्त या ऊंचे पदों पर पहुंचे…
मध्यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता दमयंती पाणी को वर्ष 2024 का अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार दिये जाने की घोषणा
भोपाल, 5 सितंबर। वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार मध्यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती दमयंती पाणी, गांधी आश्रम, छतरपुर को प्रदान किया जाएगा। असम के सर्वोदय ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में पुरस्कार प्रदान किये जाने का…
छिंदवाड़ा : ‘पेरिस समझौते’ से प्रभावित परासिया
जलवायु परिवर्तन के लिए 196 देशों के बीच हुआ ‘पेरिस समझौता’ ठेठ छिंदवाडा जिले के सुदूर परासिया इलाके में क्या और कितना असर डाल सकता है? वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) भारत के कोयला मंत्रालय के अन्तर्गत ‘कोल इंडिया लिमिटेड’ का प्रमुख हिस्सा…
वायनाड त्रासदी : लालच के चलते लानत झेलते विशेषज्ञ
केरल का वायनाड हो या उत्तराखंड का जोशीमठ, सभी ने पिछले कुछ सालों में भीषण त्रासदियों को भुगता है। विडंबना यह है कि ये त्रासदियां विकास-के-अंधे राजनेताओं, नीति-निर्माताओं और बिल्डर-ठेकेदारों के कॉकस की पहल पर बाकायदा जानते-बूझते रची जा रही…
खेती : छोटे किसानों की छीछालेदर
कृषि अर्थव्यवस्था के जानकार मानते हैं कि खेती को बरकरार रखने, विकसित करने और सबका पेट भरने की अधिकांश जिम्मेदारी छोटे और सीमांत किसान ही निभाते हैं। जहां 70% ग्रामीण परिवार अभी भी अपनी आय के प्राथमिक स्रोत के रूप…
आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें
तरह-तरह के प्राकृतिक और इंसानी धतकरमों की ‘कृपा’ से दिनों-दिन बदहाल होती दुनिया को बचाने और सही-सलामत रखने की कोशिशें अंतत: महात्मा गांधी के विचारों पर आकर टिकती हैं। आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें? बता रहे हैं,…























