Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: August 2024

आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें

तरह-तरह के प्राकृतिक और इंसानी धतकरमों की ‘कृपा’ से दिनों-दिन बदहाल होती दुनिया को बचाने और सही-सलामत रखने की कोशिशें अंतत: महात्मा गांधी के विचारों पर आकर टिकती हैं। आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें? बता रहे हैं,…

अमीरी के मापदंड : अमरीका और यूरोप में कौन बेहतर?

दुनिया भर में सम्पन्नता मापने का प्रचलित पैमाना ‘सकल घरेलू उत्पाद’ (जीडीपी) ‘आर्थिक वृद्धि दर’ से ही उपजा है, लेकिन क्या यह किसी देश की वास्तविक सम्पन्नता को उजागर कर सकता है? इसी पैमाने पर अमरीका को यूरोप से अधिक…

विचार : जड़-मूल से क्रांति चाहिए

126 वां जयंती वर्ष : दादा धर्माधिकारी मनुष्य एक-दूसरे के समीप होते हुए भी एक-दूसरे के साथ जीते नहीं हैं। इसमें चन्द बाधाएं हैं। एक है – मालिकी और मिल्कियत। दूसरा है – संप्रदाय या धर्म। तीसरा – जाति। चौथा…

दवाइयां : डेढ़ सौ से ज़्यादा औषधि मिश्रणों पर प्रतिबंध

डॉ. सुशील जोशी पिछले सप्ताह भारत सरकार ने 156 औषधि के नियत खुराक संयोजनों यानी फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन्स (एफडीसी) के उत्पादन, विपणन और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबायोटिक्स, दर्द-निवारक, एलर्जी-रोधी दवाइयां…

मुद्दा : जाति-जनगणना की जरूरत

लोक-कल्याणकारी राज्य में नागरिकों को दी जाने वाली सुख-सुविधाएं समाज के विभिन्न तबकों की आबादी, हैसियत और जरूरत के आधार पर तय की जाती हैं, लेकिन यदि सरकार और नीति-निर्धारकों के पास इन तबकों की आबादी का ठीक आंकडा ही…

वायनाड त्रासदी : पानी की भी याददाश्त होती है !

मारिया टेरेसा राजू पिछले महीने केरल के वायनाड जिले में हुई भीषण त्रासदी के लिए वैज्ञानिकों ने विकास के मौजूदा मॉडल को जिम्मेदार ठहराया है। ‘पश्चिमी घाट’ को लेकर गहन अध्ययन करने वाले प्रोफेसर माधव गाडगिल ने भी कहा है…

एक डॉक्टर की डरावनी मौत : इंसानियत से गिरता इंसान 

कोलकाता के ‘राधा-गोविंद कर अस्पताल’ की प्रशिक्षु डॉक्टर की बलात्कार के बाद की गई वीभत्स हत्या ने एक बार फिर समूचे देश को हिला दिया है, लेकिन क्या यह देश-व्यापी उथल-पुथल किसी कारगर नतीजे तक पहुंच पाएगी? क्या हमारी सरकार…

आजाद भारत में विकलांग बच्चों की चुनौतियां

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक विकलांग बच्चों की पहुँच अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि सरकार ने विकलांग बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की कई योजनाएँ चलाई हैं, लेकिन इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो…

अंतर्राष्ट्रीय : पेयजल भी इजरायली हथियार है

फिलिस्तीन के साथ जारी घमासान में इजरायल पानी सरीखी बुनियादी जरूरत हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है और इसमें इजरायल की सरकारी कंपनी ‘मेकोरोट’ ने मार्चा संभाला है। क्या यह किसी भी तरह से स्वीकार्य होना चाहिए? इजरायल की…

उत्तराखंड और हिमाचल : आपदा की आवाजाही

हिमालय और उसके राज्यों की मौजूदा आपदाएं आत्महंता विकास के विकराल नमूने बनते जा रहे हैं। इंसान अपना अंत किस नासमझी से जानबूझकर रचता है इसे देखना-समझना हो तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों की मौजूदा हालातों का जायजा लिया…