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सरकार तो बच गई, ‘सरदार’ कमज़ोर हो गए ?

कांग्रेस के लिए बहुत ही नाज़ुक वक्त में एक और सरकार स्वाहा होने से बच गई पर राजस्थान की सात करोड़ जनता और देश के लिए अब कुछ ही बचे हुए नेताओं में से भी कुछ और नज़रों से गिर…

‘गंगा सत्याग्रह’ के समर्थन में देशव्‍यापी सामूहिक उपवास का क्रम शुरू

गंगा नदी की आजादी और निर्मलता-अविरलता के लिए 10 अगस्त 2020 को ‘गंगा सत्याग्रह’ में देश के 108 से ज्यादा स्थानों पर स्वामी सानंद और स्वामी शिवानंद के आमरण अनशन के समर्थन में उपवास कार्यक्रम शुरू हुआ है। उल्‍लेखनीय है…

स्कूल खुलें तो, मगर कैसे ?

जिम और योग केंद्र खोलने के बाद अब स्कूल-कॉलेज खोलने की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं| देश में 32 करोड़ छात्र हैं| मुख्यधारा के स्कूलों में एक ही कक्षा के सात-आठ सेक्शन्स हैं| हर कक्षा में 70 बच्चे तक…

अलविदा इलीना सेन, तुम हमेशा हमारे दिल में रहोगी

स्‍मृति शेष जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका इलीना सेन का कलकत्‍ता में निधन हो गया। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 69 वर्ष की आयु में रविवार को उनका निधन हो गया। एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने और उनके…

धर्म और राजनीति के स्थान पर अध्यात्म और विज्ञान को स्थापित करना समय की मांग

विनोबा विचार प्रवाह में  पवनार आश्रम की सुश्री कालिंदी बहन ने कहा आज विज्ञान से मनुष्य समाज भयभीत है। विज्ञान आक्रमण कर रहा है। दूसरी ओर राजनीतिक चिंतन संकुचितता को बढ़ावा दे रहा है। इसमें सांप्रदायिकता भी अपना योगदान दे…

दामिनी दमक रही घन माहीं

तुलसी-कृत ‘रामचरित मानस’ के ‘किष्किंधा कांड’ में अनूठा प्रकृति चित्रण करते हुए तुलसी बाबा ‘दामिनी’ यानि तडित या बिजली का वर्णन भी करते हैं। क्‍या है यह, ‘दामिनी?’ मानसून के मौसम में गिरती बिजली देखना आम बात है, लेकिन यह…

रक्षा करने के लिए पेड़ों को बांधी जाती है, राखी

सिर्फ सरकारों के भरोसे प्रकृति-पर्यावरण की रक्षा नहीं हो सकती, उसमें समाज को हाथ बंटाना पड़ता है। यह काम यदि किसी अच्‍छी, बरसों पुरानी सामाजिक परम्‍परा की मार्फत होने लगे तो जाहिर है, वे अधिक मजबूत और स्‍थायी होते हैं।…

कोरोना-काल में हारते ‘काल’ के देवता

भले ही कोरोना वायरस से उपजी ‘कोविड-19’ बीमारी दुनियाभर को हलाकान कर रही हो, लेकिन आंकडों को देखें तो इसके ठीक उलट, डर की कोई बात दिखाई नहीं देती। उलटे, ‘कोविड-19’ से होने वाली मौतों को सामान्‍यत: होने वाली मौतों…

भारिया से बूझें, कुपोषण की काट

 9 अगस्त , विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त का दिन पूरी दुनिया के सभी आदिवासी समाज के लोगों को अपनी भाषा – संस्कृति, खान-पान, जीवन शैली व स्वशासन – परम्परा के संरक्षण और विकास के साथ-साथ जल – जंगल –…

जयजगत में निहित है विश्व शांति का संदेश

आचार्य विनोबा भावे की 125 जयंती वर्ष पर‘विनोबा विचार प्रवाह’ में पी.वी.राजगोपाल का व्‍याख्यान 8 अगस्त। शाहजहांपुरदेश में संतों की भूमिका को आचार्य विनोबा भावे  ने जिस ढंग से रखा वह अनुकरणीय है। उनके जीवन में कर्म, ज्ञान और भक्ति…