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‘अभया’ और ‘निर्भया’ के अर्थ भी समान हैं और व्यथाएँ भी !

डेढ़ करोड़ की आबादी वाले कैथोलिक समाज में पादरियों और ननों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। कोई पचास हज़ार पादरी हैं और बाक़ी नन्स हैं। ऊपरी तौर पर साफ़-सुथरे और महान दिखने वाले चर्च के साम्राज्य में कई…

नागरिकों को ही ‘विपक्ष’ का विपक्षी बनाया जा रहा है !

सरकार ने अब अपने किसान संगठन भी खड़े कर लिए हैं। मतलब कुछ किसान अब दूसरे किसानों से अलग होंगे ! जैसे कि इस समय देश में अलग-अलग नागरिक तैयार किए जा रहे हैं। धर्म को परास्त करने के लिए…

अनुपम मिश्र : पहली मुलाकात और चिपको आंदोलन

सतत विश्वसनीयता खोते मीडिया के इस जमाने में यह जानना दिलचस्प हो सकता है कि वन-संरक्षण के ‘चिपको आंदोलन’ को उन दिनों की ख्यात साप्ताहिक पत्रिका ‘दिनमान’ और उसके अनुपम मिश्र जैसे लेखक क्या और कैसी ऊर्जा देते थे। प्रस्तुत…

किसान आंदोलन : जानने-सीखने लायक कुछ बातें!

देश की राजधानी की सीमाओं पर बैठे किसानों में यह विभाजन दिखाई नहीं पड़ता, लेकिन आखिर यह एक ‘आपातकाल’ भर है। बिना किसी बहस-मुबाहिसे के पहले अध्‍यादेश जारी करके और फिर संसद के दोनों सदनों में पारित करवाकर लाए गए…

शिप्रा से गंगा तक पवित्र जल आचमन योग्य भी नहीं

कहा जा रहा है कि गंगा के पानी में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। सवाल यह है कि अरबों रुपये खर्च होने के बाद भी गंगा का पानी पीने लायक क्यों नहीं है ? चाहे उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री को…

17 दिसंबर से राजगोपाल पी.व्ही. की अगुवाई में मुरैना से दिल्ली की ओर पद यात्रा

राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन को एकता परिषद ने दिया समर्थन एकता परिषद के संस्थापक एवं सर्वोदय समाज के समन्वयक पी. वी. राजागोपाल किसान आंदोलन के समर्थन में 14 दिसंबर की सुबह प्रयोग आश्रम तिलदा, रायपुर से मुरैना की ओर शुरू होने…

किसानों के विरोध की विरासत

कडकती सर्दी में डेढ-दो हफ्तों से दिल्‍ली में धरना दिए बैठे देशभर के किसानों के ‘जीने-मरने’ की इस लडाई को पंजाब-हरियाणा के किसानों का नेतृत्‍व मिला है। सवाल है कि क्‍या पंजाब-हरियाणा के किसानों को उनके इतिहास से कोई प्रेरणा…

समाचार

एकता परिषद की अगुवाई में 17 दिसम्बर को केंद्रीय कृषि मंत्री के चुनाव क्षेत्र मुरैना से दिल्ली कूच करेंगे किसान

एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल पीवी करेंगे अगुवाई 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ से मुरैना के लिए रवाना होंगे एकता परिषद के लोग कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को भूमिहीनों-मजदूरों के लिए काम करने वाले जन संगठन…

कोरोना से प्रभावित कक्षाएं

कोरोना वायरस की मार्फत फैली कोविड-19 बीमारी ने तरह-तरह की समस्‍याएं पैदा की हैं। इनमें सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण है – स्‍कूली शिक्षा। शिक्षा की इस बदहाली का तीखा असर झुग्‍गी बस्तियों की गरीब आबादी को झेलना पड रहा है। कोविड ने…

शिक्षा से अपेक्षा

अपने समय में शिक्षा सर्वाधिक विवादास्‍पद जरूरत बनकर रह गई है। कोई अपने बच्‍चों को क्‍यों, कैसी और कितनी शिक्षा दिलाए? इतना सब करने के बाद क्‍या शिक्षा के घोषित उद्देश्‍य पूरे हो सकेंगे? शिक्षा व्यवस्था के दो ध्येय होते…