Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

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शहर के वास्तविक वाटर बैंक बहुत तेजी से  हो रहा खाली, नदी आईसीयू में चली गई

पर्यावरणविद् राजेन्द्रसिंह ने सेवा सुरभि के कार्यक्रम में कहा इंदौर, 23 अप्रैल। इंदौर एक पानीदार शहर है, लेकिन यहां की नदी आईसीयू में पहुंच गई है। उसकी बीमारी का सही ईलाज करने के बजाय आप उसे ब्यूटी पार्लर में ले…

कर्मयोगी और गांधीवादी मूल्‍यों के हिमायती धीरूभाई मेहता का अवसान

गांधी – विनोबा विचार से जुड़े अनेक संस्थानों ने अर्पित की भावपूर्ण श्रद्धांजलि 22 अप्रैल । 88 साल की उम्र में सोमवार को गांधी विचारक, चार्टर्ड अकाउंटेंट और सामाजिक जगत में सात दशकों से सक्रिय धीरू भाई मेहता का देहांत…

विश्व पृथ्वी दिवस : धधकती धरती और मौसम का बिगड़ता मिजाज

विश्व पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) पर विशेष न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी तथा मौसम का निरन्तर बिगड़ता मिजाज गंभीर चिंता का सबब बना है। हालांकि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए…

‘भारत रोजगार रिपोर्ट – 2024’ : युवा-रोजगार की पड़ताल

भारत अपनी बढ़ती युवा आबादी के साथ, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। ‘मानव विकास संस्थान’ (आईएचडी) और ‘अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन’ (आईएलओ) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई ‘भारत रोज़गार रिपोर्ट – 2024’ युवाओं में रोज़गार के बहुआयामी परिदृश्य पर प्रकाश डालती है। भारत की युवा…

कंपनियों के कब्जे में पीने का पानी

वैश्विक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) ऑक्सफैम (ऑक्सफोर्ड कमेटी फॉर फेमिन रिलीफ) द्वारा 21 मार्च 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे प्रभावशाली खाद्य और कृषि कंपनियों में से केवल एक चौथाई ने ही अपने पानी के उपयोग को कम करने और जल…

आम चुनाव : बच्चों के प्रति बेपरवाह राजनीति

आम चुनाव में लगभग सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने घोषणा-पत्र तैयार किये हैं, लेकिन अपेक्षाओं के विपरीत भारत की 42 प्रतिशत जनसंख्या, यानी युवाओं और बच्चों के मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं है। कुछ दलों के घोषणा-पत्रों में टोटकों की तरह बच्चों…

भूदान आंदोलन के बाद अब भू-मुक्ति

पचास के दशक में विनोबा भावे की अगुआई में शुरु हुआ ‘भूदान आंदोलन’ अब किस परिस्थिति में है? क्या उसने अपने घोषित उद्देश्यों में कुछ हासिल किया है? आज भूमि वितरण के इस महायज्ञ में क्या जोडा जा सकता है?…

सूरज की सौर ऊर्जा

मानव सभ्यता प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर उन्नत तो हुई है, किन्तु हमारी ऊर्जा की खपत भी बढ़ती जा रही है। यदि इसी तरह ऊर्जा के परम्परागत साधनों का उपयोग बढ़ता गया, तो भविष्य में भयानक ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा।…

नर्मदा के नातेदार !

‘‘आप नर्मदा को चाहने वाले हैं, और मैं भी नर्मदा को चाहने वाला हूँ। इसलिए हम भाई-भाई हैं।’’ यह कहने वाले लंबी सफे़द दाढ़ी, शैव तपस्वियों का केसरिया बाना पहने एक संन्यासी थे। यह वर्ष 1943 का साल था। नर्मदा नदी के उद्गम और…

चिकित्सा का सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है होम्योपैथी

10 अप्रैल  : विश्व होम्योपैथी दिवस प्रतिवर्ष 10 अप्रैल को ‘होम्योपैथी’ के जनक माने जाने वाले जर्मन मूल के चिकित्सक, महान विद्वान, शोधकर्ता, भाषाविद और उत्कृष्ट वैज्ञानिक डा. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन के जन्मदिवस के अवसर पर ‘विश्व होम्योपैथी दिवस’…