वैश्विक पर्यावरण

भारी उद्योग क्षेत्र के कार्बन रहित भविष्य पर हो रहा है मनन

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन के अंतरसरकारी पैनल, IPCC, की ताज़ा रिपोर्ट  जब जारी हो रही थी, उसी दौरान, जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में एक और वैश्विक पहल आगे कदम बढ़ा रही थी। दरअसल वैश्विक स्तर पर उद्योगों को कार्बन रहित बनाने के…

दुनिया बचाने का मौक़ा: अगले 8 साल में आधे करने होंगे उत्सर्जन

दुनिया के अमीर 10% लोग दुनिया के कुल उत्सर्जन के आधे के लिए जिम्मेदार पृथ्वी के बीते 2000 सालों के इतिहास कि तुलना में अब, बीते कुछ दशकों में, धरती का तापमान बेहद तेज़ी से बढ़ रहा है। इसके पीछे साफ़ तौर पर, इन्सानी गतिविधियों की वजह…

बसंत के मौसम में हिमालय में चल रही है लू, तापमान सामान्य से 7-8 डिग्री अधिक

हिमालयी राज्यों में एक ओर जहां मार्च के मध्य से तापमान बढ़ना शुरू हो गया था, वहीं मार्च में होने वाली मानूसन से पहले होने वाली बरसात भी नहीं हुई। इसने पहाड़ों का मौसम बेहद शुष्क बना दिया है। राजू…

अगले पाँच सालों में पूरी दुनिया के पास होगा जलवायु परिवर्तन का मौसम चेतावनी प्रणाली

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने बुधवार 23 मार्च को एक ऐसी परियोजना की घोषणा की, जिसमें पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के लिए अगले पांच साल में मौसम-चेतावनी प्रणाली (अर्लि वेदर वार्निंग सिस्टम) तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। ऐसा करना अब इसलिए…

बेहाल पर्यावरण : बेहद नाकाफी है बजट

वैकल्पिक विकास पर विश्वास करने वाले व्यक्तियों, आंदोलनों और संस्थाओं के नेटवर्क ‘विकल्प संगम’ ने हाल ही में पेश किये गए देश के आम बजट का पर्यावरण की नज़र से विश्लेषण किया है।‘विकल्प संगम’ के विश्लेषण का ईशान अग्रवाल द्वारा…

विश्‍व वानिकी दिवस : जंगल की जरूरत

21 मार्च विश्‍व वानिकी दिवस जलवायु के जानकारों ने बताया कि कार्बन सोखने में जंगलों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। विश्व के जंगल कुल कार्बन उत्सर्जन का 30 प्रतिशत अवशोषण कर लेते हैं। ‘इंटरनेशनल पेनल आन क्लायमेट चेंज’ (आयपीसीसी)…

Russia-Ukraine War : पर्यावरण के लिए भी घातक है, युद्ध

असंख्य इंसानों की प्रत्यक्ष मौतों के अलावा युद्धों से पीढी-दर-पीढी चलने वाली पर्यावरण की बर्बादी भी होती है। विडंबना यह है कि यह किसी को दिखाई तक नहीं देती। इन दिनों रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में भी…

वायु प्रदूषण: 93 फ़ीसद भारतीय ले रहे हैं मौत की सांस : शोध अध्‍ययन

एक ताज़ा जारी वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत भारतीय ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के मानकों से अधिक है। इस रिपोर्ट से पता चला है कि इसके परिणामस्वरूप भारत में जीवन प्रत्याशा लगभग 1.5 वर्ष…

अब जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये सेक्‍टोरल के बजाय ट्रांसफॉर्मेशनल सुधार की जरूरत है

आईपीसीसी की छठी मूल्‍यांकन रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा अनुकूलन पर चर्चा जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल (आईपीसीसी) की ताजा रिपोर्ट भविष्‍य की एक भयावह तस्‍वीर पेश करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कार्बन उत्‍सर्जन मौजूदा…

हिमयुग के बाद से हिमालय के ग्लेशियरों का 40 फीसदी हिस्सा हुआ गायब

पिछले कुछ दशकों में हिमालय के ग्लेशियर औसतन 10 गुना अधिक तेजी से पिघल रहे हैं पिछले 400 से 700 वर्षों में, हिमालयी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में ग्लेशियरों का लगभग 40 फीसदी हिस्से का नुकसान हो गया है। यह…