बांध और विस्‍थापन

कितना हिमालय के हक में है, एक परियोजना का अंत

डेढ़ दशक पहले खारिज की गई उत्तराखंड की ‘लोहारीनाग पाला जलविद्युत परियोजना’ अब अपने अंत की शुरुआत में है, लेकिन क्या समझ का यह कमाल हिमालय के सभी पहाड़ी राज्यों में एक-सा लागू होगा? क्या इस परियोजना के ‘अंत’ से…

अब तक लटका है, ‘सरदार सरोवर’ का पुनर्वास

‘सरदार सरोवर’ के शुरुआती दौर में तब के ‘नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण’ के उपाध्यक्ष सुशीलचन्द्र वर्मा ने अपनी किताब में दुनिया का सर्वोत्तम विस्थापन-पुनर्वास बताते हुए जिस तरह परियोजना के कसीदे पढ़े थे,आज वे धूल-धूसरित दिखाई दे रहे हैं। बांध…

खतरनाक मोड़ पर देश के बांध : जरूरी है बांधों की तत्काल मरम्मत

संसद में सरकार की स्वीकारोक्ति ने देश के जल-संरचनात्मक संकट की गंभीरता उजागर कर दी है। देशभर में 216 बड़े बांध खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं और उनकी तत्काल मरम्मत जरूरी है। यह आंकड़ा केवल तकनीकी चेतावनी नहीं, बल्कि…

पूंजी के लिए पर्यटन : किसका लाभ, किसकी हानि?

विनाशकारी विकास की हवस में हमारे सत्ताधारियों ने उन छह गांवों को सिरे से भुला दिया है जिनकी जमीनों पर साठ के दशक में ‘सरदार सरोवर परियोजना’ बनाने वालों की बस्ती बसाई गई थी। आजकल उसी इलाके में ‘स्टैच्यू ऑफ…

मछुआरों की समस्याएँ न सुनी गईं तो होगा आंदोलन : श्रमिक मछुआरा संघ की चेतावनी

भोपाल में कल आयोजित होगा जलाशय मछुआरों का वार्षिक अधिवेशन भोपाल, 11 नवंबर। राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा जलाशयों में कार्यरत प्राथमिक मछुआरा सहकारी समितियों के सदस्यों का वार्षिक अधिवेशन बुधवार को भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। इस संदर्भ…

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ का महत्वपूर्ण आदेश — सरदार सरोवर विस्थापितों को भूमि पंजीयन का अधिकार सुनिश्चित करने के निर्देश

इंदौर, 17 अक्टू।  हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से मेधा पाटकर द्वारा दायर जनहित याचिका (WP No. 35006/2024) पर सुनवाई करते हुए सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के लिए एक…

पंजाब : बाढ़ के समय बांध से पानी छोड़ा जाना काल बन गया

भारत में बांधों को सिंचाई, बिजली और बाढ़ नियंत्रण का जरिया माना जाता है, लेकिन हालिया अनुभवों ने उनकी सीमाएँ उजागर कर दी हैं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की बारिश से भाखड़ा, पौंग और रंजीत सागर बांधों से छोड़े गए पानी…

नर्मदा बचाओ आंदोलन : बांध विरोध के चालीस साल

वैसे बड़े बांधों का विरोध उन्हें ‘नए भारत के तीर्थ’ के तमगे से नवाजे जाने के बरसों पहले शुरु हो गया था, लेकिन आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मापदंडों पर बाकायदा समीक्षा करके उनको खारिज करने का सिलसिला अस्सी के…

. . .जब ‘सरदार सरोवर’ को ‘नवागाम बांध’ कहा जाता था !  

राजेन्द्र जोशी चार दशकों के ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ की वर्षगांठ पर यह जानना बेहद रोचक हो सकता है आखिर इस लंबे संघर्ष कि शुरुआत कैसे हुई थी? कौन लोग थे जिन्हें पानी और उसके लिए बांधों की जरूरत के उस…

नर्मदा घाटी के संघर्षशील योद्धा लुवारिया भाई नहीं रहे

नर्मदा किनारे का ‘सत्याघर’ अब सूना है : नर्मदा बचाओ आंदोलन के साथियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अलीराजपुर, 3 जून। नर्मदा बचाओ आंदोलन के एक अहम स्तंभ और मध्यप्रदेश के पहले डूब प्रभावित गाँव जलसिंधी (अलीराजपुर) के प्रमुख कार्यकर्ता…