बांध और विस्‍थापन

कपिला बहन : हमसे तब बिछुड़ी जब उनकी जरुरत ज्यादा है

नर्मदा बचाओ आंदोलन की जुझारु कार्यकर्ता कपिला बहन नहीं रही। उनका निधन 26 अक्‍टूबर 2020 को हो गया। सरदार सरोवर बाँध की केवड़िया कॉलोनी निर्माण से किए गए विस्थापन के खिलाफ वे अंतिम दम तक लड़ती रही जिसमें उनके परिवार…

सिंगरौली का स्याह सच

साठ के दशक में रिहंद बांध की नींव रखते हुए तब के राजनेताओं, खासकर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू को इस पहल के नतीजों का कोई भान शायद ही रहा हो। देश की ऊर्जा राजधानी खडी करने के जुनून ने…

बाढ़-नियंत्रण की बजाए बाढ़ की वजह बनता, सरदार सरोवर बाँध

बड़े बांधों के घोषित उद्देश्‍यों में जल-विद्युत और सिंचाई के बलावा बाढ़-नियंत्रण भी शामिल है, लेकिन देशभर में कहीं बांधों से बाढ़ को नियंत्रित करने का कोई ठोस उदाहरण सामने नहीं आया है। मध्‍यप्रदेश में जहां नर्मदा और उसकी सहायक…

बांध प्रभावितों का संघर्ष : दांव पर सुप्रीमकोर्ट की साख

पिछले तीन दशकों की बरसात में शायद ही कोई साल रहा हो जब ‘सरदार सरोवर’ प्रभावितों ने अपने जीने-मरने के कानूनी हकों के लिए संघर्ष न किया हो। पिछले साल आंदोलन की मुखिया मेधा पाटकर के आमरण अनशन के बाद…

एक था हरसूद

इतिहास में दशक की एक महत्‍वपूर्ण घटना की तरह दर्ज हरसूद का ‘संकल्‍प मेला’ समाप्‍त हो गया और उसी के साथ नए हरसूद या छनेरा में तब्‍दील हो गया वह हरसूद जो अपनी जीवन्‍तता, संघर्ष और आपसी भाई-चारे के लिए…

महेश्वर परियोजना : निजीकरण के निर्णायक सबक

पिछले दिनों मध्‍यप्रदेश में नर्मदा की मुख्‍य धारा पर बनने वाली ’श्रीमहेश्‍वर जल-विद्युत परियोजना’ से किया गया राज्‍य सरकार का विक्रय-समझौता रद्द कर दिया गया है। वजह वे ही बताई जा रही हैं जिन्‍हें दो-ढाई दशक से डूब-क्षेत्र के लोग…

नर्मदा : बूँद- बूँद जल का दोहन

सौंदर्य की नदी नर्मदा में जितना भी सौंदर्य बचा है, वह भी यात्रा वृत्तांत के पन्नों में सिमटने वाला है। नर्मदा नदी के किनारे प्रस्तावित 18 थर्मल एवं परमाणु बिजली परियोजना की स्थापित क्षमता 25 हजार 260 मेगावाट है। 22…

‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ का टापू है बरगी बांध

भारत वर्ष में अभी तक विभिन्न परियोजनाओं से लगभग 5 करोड़ लोग विस्थापित हो चुके हैं। मध्य प्रदेश में नर्मदा परियोजना के अन्तर्गत नर्मदा नदी पर 30 बड़े बाँध, 135 मझोले बाँध और 3000 छोटे बाँध बनाने की योजना प्रस्तावित…

कंपनी के लिए टाला जाता, पर्यावरणीय प्रभावों का आंकलन

अस्‍सी के दशक में जिस पर्यावरण के दुख में सरकार और समाज दूबरा हुआ जाता था, अब वही पर्यावरण आंख की किरकिरी बनकर महज टालने योग्‍य प्रक्रिया बनकर रह गया है। नर्मदा की मुख्‍यधारा पर बने पहले बडे बांध ‘रानी…