सनातन सांस्कृतिक लोक की पुस्तकों में बढ़ती प्रस्तुति
World Book Fair 2024 Delhi विश्व पुस्तक मेला दर्शक संख्या की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। इस बार मेले का क्षेत्रफल 50,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में विस्तृत कर दिया है। इसमें 40 से ज्यादा देशों के 2000…
खतरे में आदिवासियों का अस्तित्व
अभी, चार-साढ़े चार सौ साल पहले तक देश के कई इलाकों में राज करने वाले आदिवासी आज ‘अनुसूचित जनजाति’ के सरकारी खांचे में कैसे सिमट गए हैं? क्या उन्हें कोशिश करके कमजोर बनाया गया है? क्या हमारे देश के नियम-कानून…
हरदा पटाखा फैक्ट्री : मौत और धमाकों से ही क्यों जागते हैं अधिकारी ?
देश-प्रदेश के अलग-अलग शहरों की पटाखा फैक्ट्री मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार चलता रहता है। शासन की ओर से ऐसी घटनाओं को बचाव के लिए नीति नियम निर्देश भी लगातार जारी किए जाते हैं। इसके बाद भी मौतें होती…
केन- बेतवा लिंक परियोजना : नाहक का नदी जोड़
विकास के नाम पर की जाने वाली विनाश की ताजी जिद का नया कारनामा अब नदी-जोड़ है। मध्यप्रदेश में केन- बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन फरवरी 2024 में होने जा रहा है। इससे बुंदेलखंड से प्रवाहित केन नदी को…
भारत में घुमंतूजन जातियों को संवैधानिक संरक्षण देने की पहल
भारत में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और गैर-अधिसूचित जनजातियों के संरक्षण और भविष्य की योजनाओँ पर विचार विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। गैर-अधिसूचित जनजातियों, घुमंतू जनजातियों और अर्ध-घुमंतू जनजातियों को भी गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे समुदायों के…
मध्य प्रदेश में बढ़ रहा साइबर अपराध , शिकार हो रहे बच्चे
आज 6 फरवरी है । यह दिन भारत में भी सुरक्षित इंटरनेट दिवस के रूप में मनाया जाता है । इसका उद्देश्य इंटरनेट का उपयोग ज्ञान और मनोरंजन के लिए करने के साथ ही इंटरनेट से होने वाले विभिन्न प्रकार…
कानून : न्याय में विलंब का बड़ा कारण वकीलों की हड़तालें
न्यायपालिका लोकतंत्र का तीसरा सबसे अहम् स्तम्भ है| सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों के बावजूद आये दिन निचली अदालतों में वकीलों की हड़तालें जारी हैं| वकील हडताल पर जाकर स्वयं उसी सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ जाते रहते हैं जो न्याय…
लोक गायक कालूराम बामनिया : मालवा के कबीर
‘मालवा के कबीर’ के नाम से मशहूर लोक गायक कालूराम बामनिया को पदमश्री अवार्ड से सम्मानित करने की घोषणा गणतंत्र दिवस के मौके पर की गई है। देवास जिले के टोंकखुर्द के रहने वाले कालूराम पारंपरिक निर्गुण भक्ति के गायक…
गांधी स्मरण : संकट में सुध गांधी की
धरती का जीवन बचाने की खातिर वैश्विक जमावडे ‘कॉप 28’ की विफलताओं के सामने अब महात्मा गांधी खडे किए जा रहे हैं और कमाल यह है कि यह पहल मौजूदा संकटों को पैदा करने वाले पश्चिमी समाज की तरफ से…
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की स्वतंत्रता का गणतंत्र
75 वें गणतंत्र दिवस पर विशेष संविधान की अवधारणा भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न एवं लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रूप में स्थापित करती है। यही हमारा धर्मग्रंथ है। नागरिकों के आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय के साथ प्रतिष्ठा एवं अवसर की…









