शख्सियत

अब स्‍मृतियों में महका करेगी गुलाबजी की शख़्सियत

कमलेश सेन लंबे बरस तक इंदौर के अखबार नईदुनिया में बेबाकी से काम करने वाले गुलाब जैन नहीं रहे। 24 फरवरी 2022 को अमेरिका में उन्‍होंने अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ माह से बीमारी से जूझ रहे थै। वे…

गांधी की कस्तूरबा

ऐसा कहा और माना जाता है कि मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी में तब्दील होने का अधिकांश श्रेय उनकी पत्नी कस्तूरबा को जाता है। कैसा था, गांधी के संग-साथ का उनका जीवन? कैसे वे खुद कस्तूर बाई से बा…

गाँधी विचार के संवाहक एवं जाने माने शिक्षाविद रमेश थानवी का निधन

जयपुर । जाने-माने शिक्षाविद्, गांधी-विचार के संवाहक, प्रौढ़ शिक्षा का अलख जगाने वालों में अग्रणी, साहित्य और दर्शन के अध्येता रमेश थानवी का 12 फरवरी 2022 को जयपुर में सुबह देहांत हो गया। वे 78 वर्ष के थे। देश में शैक्षिक…

लता मंगेशकर : भारत की आत्मा की आवाज

18 भाषाओं में गाए हजारों गानों का उनका संसार हमें वैसे ही ओतप्रोत करता जाता है जैसे घनघोर बारिश में आप खुद जा कर आसमान के नीचे खड़े हो जाएं। एकाग्रता, पवित्रता, माधुर्य और सादगी के मेल से लता की…

सुब्बरावजी से प्रेरणा लेकर देश में शांति, सदभाव और भाईचारे का माहौल निर्मित करते रहेंगे

अप्रैल में ‘हिंसा से अहिंसा का संदेश’ देने के लिये तीन बागी समर्पण स्‍थलों से शांति यात्राएं निकलेगी जौरा (मुरैना)। 7 फरवरी। चंबल घाटी के जौरा स्थित महात्मा गांधी सेवा आश्रम में विख्यात गांधीवादी स्व. डा. एस. एन. सुब्बरावजी की…

लता की लोकप्रियता का मुख्य मर्म है उनका ‘गान-पन’ और स्वरों की निर्मलता

पंडित कुमार गंधर्व 60 के दशक में लता जी के फिल्म में गाने को जब 25 वर्ष पूर्ण हुए तब एक पुस्तक के लिए बाबा (कुमार गंधर्व) ने ‘अभिजात कलावती’ नाम से मराठी में यह लेख लिखा था, जिसे धर्मयुग…

विरासत स्वराज यात्रा : महात्मा गांधी का मेवात में जौहर

महात्मा गांधी ने मेवात को मेवात बनाए रखने के लिए बड़ा जौहर किया था। उस जौहर का परिणाम है कि आज मेवात अपनी जगह बसा हुआ है। बापू ने आजादी के बाद देश के बंटवारे को अपनी हार मानकर भी…

डॉ. सिंधुताई सपकाल : हजारों अनाथ बच्चों की मां सभी को अनाथ छोड़ गई

सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार विजेता का 73 साल की डॉ. सिंधुताई सपकाल उम्र में हाल ही में निधन हो गया. सिंधुताई सपकाल ने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों की जिंदगी संवारने में लगा दिया. सिंधुताई 1400 से ज्यादा बच्चों…

डॉ.जे.सी. कुमारप्पा : एक विद्रोही अर्थशास्त्री

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी भूमंडलीकरण की असफलता और जलवायु संकट के चलते संपूर्ण गांधीवाद एक बार पुनः पूर्णतया प्रासंगिक हो गया है अतएव कुमारप्पा भी उतने ही महत्वपूर्ण बन गए है। कुमारप्पा जी सही अर्थों में ग्रामीणजनों के उद्धारक या ऋषि…

पर्यावरण पुराण के अनुपम महर्षि

स्मृतिशेष / जयराम शुक्ल अनुपमजी हमेशा जीवंत हैं पानी की एक एक बूँद और पर्यावरण की आत्मा में…। जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख…. यशस्वी पिता भवानी प्रसाद मिश्र…