Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: January 2022

गांधी शहादत दिवस : गांधी को प्रासंगिक बनाते ‘अन्नदाता’

30 जनवरी : गांधी शहादत दिवस गांधी की शहादत के लंबे 74 सालों बाद भी हम यदा-कदा उनकी प्रासंगिकता को लेकर सवाल सुनते-उठाते रहते हैं, लेकिन गांधी हैं कि तरह-तरह से हमें अपनी मौजूदगी जता देते हैं। हाल का, दिल्ली…

पंचायती राज में गांधी की प्रासंगिकता

गांधी के नजरिए से मौजूदा लोकतंत्र की समीक्षा की जाए तो उसमें राज्य की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई ग्रामसभाएं और ग्राम-पंचायतें प्रमुखता से उभरती हैं, लेकिन धीरे-धीरे हमारे लोकतंत्र की बुराईयां गांव और उनके प्रशासनिक ताने-बाने तक पहुंच गई हैं।…

क्या देश में अब विस्मृत हैं गांधी

आचार्य राममूर्ति कर्मकांडों, मूर्तियों और खोखले ‘भजनों’ के बावजूद सब जानते हैं कि एक व्यक्ति और देश की हैसियत से हम गांधी को भूल गए हैं। यदि गांधी हमारे आसपास होते तो आज हमारी ऐसी आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक…

बजट 2022, लोग क्या चाहते हैं? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी एक स्वतंत्र मंच है जिसका उद्देश्य भारत के भीतर वित्तीय जवाबदेही को मजबूत और बेहतर बनाना है। संस्‍था ने बजट 2022 के पूर्व हमारा पैसा हमारा हिसाब श्रृखंला में देश के आम जन बजट से क्‍या…

‘फैशनेबल’ गांधी : टाई-सूट से लंगोट तक

अपने समय की जरूरतों के मुताबिक विशिष्ट रहन-सहन को फैशन माना जाए तो महात्मा गांधी सर्वाधिक प्रासंगिक दिखाई देते हैं। इंग्लेंड, दक्षिण-अफ्रीका और भारत के अपने भिन्न-भिन्न जीवन काल में वहां की जरूरतों के अनुसार अपना वस्त्र-विन्यास बदलने वाले गांधी…

मौसम की मार : बीमा और तकनीक में फंसा किसान

जिस कृषि क्षेत्र की बदौलत कोविड-19 की त्रासदी के बावजूद हमारा ‘सकल घरेलू उत्पाद’ यानि ‘जीडीपी’ उछलता नजर आ रहा था, उसी कृषि क्षेत्र को अब मौसम की मार झेलनी पड रही है और उसकी मदद को कोई नहीं है।…

पर्यावरण : प्रकृति को पछाड़ता प्लास्टिक

प्लास्टिक को बनाया तो इंसान ने ही है, लेकिन अब वही प्लास्टिक, भस्मासुर की तरह इंसान और उसके प्राकृतिक पर्यावास पर संकट बनकर खडा हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन ‘वर्ल्ड वाइड फंड’ (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2030…

रचनात्‍मकता और जागरूकता से ओतप्रोत मालवा का पहला कम्यूनिटी रेडियो ‘रेडियो दस्तक’

विनय भक्त उज्जैन । ‘रेडियो दस्तक’ 90.8 एफ एम ने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से उज्जैन के जनमानस में गहरी पैठ बनाई है। जहां यह स्थानीय कलाकारों एवं प्रतिभाओं का मंच बन रहा है वहीं जनजागरूकता अभियान और अपने कार्यक्रमों…

गांधी का ख़ौफ़ है कि उन्हें ख़त्म करने की बार-बार कोशिशें होतीं हैं !

राष्ट्रपिता की छवि और उनके विचारों की हत्या करने के योजनाबद्ध प्रयासों, बापू के द्वारा स्थापित आश्रमों के आधुनिकीकरण के नाम पर किए जा रहे विनाश और गांधी को समाप्त करने के षड्यंत्रों के प्रति सत्ता के शिखरों का रहस्यमय…

गणतंत्र दिवस : बेहतरी के लिए बदलाव

73वें गणतंत्र दिवस पर विशेष साल, हर साल नया होता है, लेकिन, जैसा मुक्तिबोध कहते हैं, ‘जो है, उससे बेहतर’ नहीं हो पाता। क्यों? क्या हमारे सोच और उसके अमल में ही कोई खोट है? या कि इसे कर पाने…