पीपी सर से ख्यात मीडिया विशेषज्ञ एवं लेखक पुष्पेन्द्रपाल सिंह नहीं रहे
भोपाल, 7 मार्च। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक, ‘रोज़गार और निर्माण’ अख़बार के संपादक प्रो. पुष्पेन्द्रपाल सिंह (prof. pushpendra pal singh) का आज सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। उन्हें रात करीब 12 बजे सीने में दर्द…
वर्ष 2023 का निवानो शांति पुरस्कार प्रख्यात गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. को दिये जाने की घोषणा
टोक्यो में 11 मई 2023 को दिया जायेगा पुरस्कार प्रख्यात गांधीवादी, सर्वोदयी नेता एवं एकता परिषद के संस्थापक और श्री राजगोपाल पी.व्ही. को न्याय और शांति की सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था निवानों पीस…
डॉ. एस. एन. सुब्बराव : विराट व्यक्तित्व के धनी
7 फरवरी : भाईजी के जन्मदिवस पर विशेष रमेश चंद शर्मा शब्द, बोल, विचार, सर्व धर्म प्रार्थना, गीत संगीत, अच्छे कर्म, साधना, मौन, श्रम कभी मरते नहीं हैं। कभी विविध कारण से धुंधले या मंद पड़ सकते है मगर जिंदा…
वन, पानी और मिट्टी का प्रबंधन भारतीय ज्ञान तंत्र और विद्या के आलोक में करने की जरूरत
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के 42वें स्थापना दिवस पर पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह का उदबोधन 6 फरवरी, भोपाल । हमें वन, पानी और मिट्टी का प्रबंधन भारतीय ज्ञान तंत्र और विद्या के आलोक में करना होगा। हम यदि इसका प्रबंधन विद्या…
दूसरों की बेहतरी के लिये जीने का पर्याय पेरीन दाजी
इंदौर, मध्यप्रदेश और देश के मजदूरों, किसानों, आदिवासियों और अन्याय के विरोध में खडे होने वाले असंख्य लोगों में बेहद आदर, स्नेह से याद किए जाने वाले दाजी परिवार की पेरीन दाजी को हम से विदा हुए चार वर्ष पूर्ण…
ख्यात पत्रकार एवं गांधी विचारक नचिकेता देसाई का अहमदाबाद में निधन
मुखरता और बेबाकी के कारण नचिकेता ने मीडिया संस्थानों से कभी समझौता नहीं किया अहमदाबाद। जाने माने सर्वोदयी चिंतक नारायण देसाई के पुत्र ख्यात पत्रकार नचिकेता देसाई (72 वर्ष) का आज सुबह अहमदाबाद में अपने आवास पर निधन हो…
संघर्ष व जुझारूपन की सीख देने वाले साथी वंसत शिंत्रे सदैव स्मृति में बने रहेंगे
वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता कॉमरेड वसंत शिंत्रे का इंदौर में निधन इंदौर, 2 फरवरी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता कॉमरेड वसंत शिंत्रे का 86 वर्ष की आयु में 2 फरवरी 2023 को इंदौर में…
महात्मा गांधी – कुछ बेतरतीब नोट्स
रोजमर्रा के आमफहम जीवन को फिलहाल छोड भी दें तो महात्मा गांधी की ‘जयन्ती’ और ‘पुण्यतिथि’ की सालाना कवायद पर हम आम लोग कैसा महसूस करते हैं? ‘सप्रेस’ ने यही सवाल अपने एक वरिष्ठ साथी से किया। प्रस्तुत है, अपने…
केपी शशि : कमाल के रचनात्मक कॉमरेड
वैकल्पिक सिनेमा और राजनीति के चर्चित हस्ताक्षर केपी शशि अभी कुछ दिन पहले हमें सदा के लिए छोडकर गए हैं। ‘सर्वोदय प्रेस सर्विस’ के साथ उनकी अनेक यादें जुडी हैं। प्रस्तुत है, केपी शशि का संक्षिप्त परिचय देता यह लेख।…
नेहरू के नेतृत्व की अहमियत
साढे सात दशक पहले बरसों की गुलामी से आजाद हुए भारत को क्या पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसा प्रधानमंत्री ही चहिए था? उनके करीब 17 साल के कामकाज को देखें तो यह सचाई खुलकर उजागर हो जाती है कि आधुनिक भारत…









