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अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमले के विरोध में जन संगठनों का ज्ञापन

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमले के विरोध में जन संगठनों का ज्ञापन

नेहा राठौर के गीत और 4PM चैनल को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल इंदौर, 2 मई। देश में असहमति की आवाजों को दबाने की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ इंदौर के विभिन्न जन संगठनों ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पहुँचकर...

नेहा राठौर के गीत और 4PM चैनल को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल

इंदौर, 2 मई। देश में असहमति की आवाजों को दबाने की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ इंदौर के विभिन्न जन संगठनों ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पहुँचकर प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे दमन का तीव्र विरोध दर्ज किया।

ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर कलाकारों और समाचार माध्यमों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। लोक गायिका नेहा राठौर पर एक व्यंग्यात्मक गीत को लेकर प्रकरण दर्ज किया गया है, जबकि लोकप्रिय समाचार चैनल ‘4 पीएम’ को बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया है। यह घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हैं।

जन संगठनों ने मांग की कि नेहा राठौर पर दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए और ‘4 पीएम’ समाचार चैनल को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि विरोध, असहमति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को अपराध के रूप में न देखा जाए, बल्कि लोकतंत्र की ताकत माना जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में एईओ वायओ के प्रमोद नामदेव, सुमित सोलंकी, समाजवादी विचार केंद्र के रामस्वरूप मंत्री, एटक से रुद्रपाल यादव, सिलिकोसिस संगठन के राकेश कुमार, एप्सो के विवेक मेहता, इप्टा के विजय दलाल, पिंकल, विशाल पारखे, प्रगतिशील लेखक संघ से जावेद आलम और हरनाम सिंह, तथा संगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राहुल निहोरे शामिल थे।

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