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गांधीवादी नेता राजगोपाल पी.व्ही. विश्व प्रसिद्ध 40 वें निवानो शांति पुरस्कार से सम्‍मानित

गांधीवादी नेता राजगोपाल पी.व्ही. विश्व प्रसिद्ध 40 वें निवानो शांति पुरस्कार से सम्‍मानित

पुरस्‍कार राशि से “शांति कोष” स्‍थापित करने का फैसला भोपाल, 11 मई। प्रख्यात गांधीवादी व सर्वोदयी नेता, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल पी.व्ही. को आज जापान में न्याय और शांति के लिए अहिंसक माध्यमों से उनके असाधारण योगदान के...

पुरस्‍कार राशि से “शांति कोष” स्‍थापित करने का फैसला

भोपाल, 11 मई। प्रख्यात गांधीवादी व सर्वोदयी नेता, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल पी.व्ही. को आज जापान में न्याय और शांति के लिए अहिंसक माध्यमों से उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2023 का 40 वां निवानो शांति पुरस्कार से सम्‍मानित किया। यह पुरस्कार दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था निवानो पीस फाउंडेशन, जापान के अध्यक्ष श्री रेव निचीको निवानो और डा. फलेमिनिया गिओवनेली ने दिया। श्री राजगोपाल ने यह सम्मान 11 मई को जापान की राजधानी टोक्यो में इंटरनेशनल हाउस ऑफ जापान के मुख्य समारोह में ग्रहण किया।

उल्‍लेखनीय है कि दुनिया के 125 देशों के 600 से अधिक नॉमिनेशंस में से जूरी ने राजगोपाल को इस पुरस्कार के लिए चुना ।

एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रन सिंह परमार ने बताया कि श्री राजगोपाल पी.व्ही. ने प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल और जमीन पर गरीबों के अधिकार के लिए देशभर के कई प्रांतों व राष्ट्रीय स्तर पर सत्याग्रह पदयात्राएं की और वंचितों के अधिकार को अहिंसात्मक व शांतिपूर्ण तरीके से राज्य व केन्द्रीय सरकारों के समक्ष उठाकर नीतिगत बदलाव के लिए प्रयास किये हैं।

श्री राजगोपाल पी.व्ही. ने देश के वंचित वर्गों के लिए बिना किसी जाति व लैगिंक भेदभाव के समान मानवीय गरिमा और महिला व पुरूष के समान अधिकारों की मान्यता के लिए शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों से कार्य किया है। यह पुरस्कार जल, जंगल और जमीन पर वंचित वर्ग के प्राथमिक अधिकार, पर्यावरणीय सुरक्षा, आत्मसमर्पित बागियों के पुनर्वास, युवाओं में शांति व अहिंसा की शिक्षा के लिए दिया गया है।

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पुरस्कार मिलने के पश्‍चात समारोह को सम्बोधित करते हुए राजगोपाल पी.व्ही ने कहा कि दुनिया में शांति के लिए चार दृष्टिकोण – अहिंसक शासन, अहिंसक सामाजिक कार्रवाई, अहिंसक अर्थव्यवस्था और अहिंसक शिक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भले ही यह पुरस्कार उनको एक व्यक्ति के रूप में दिया गया है लेकिन इसकी धनराशि लगभग एक करोड़ बाइस लाख रूपये से एक ‘शांति कोष’ स्‍थापित करेंगे, जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शांति निर्माण के लिए ‘फोर-फोल्ड दृष्टिकोण’ को सहयोग करने में मदद करेगा।

Gandhian Rajgopal PV

महात्मा गांधी सेवा आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्त्‍ता अनिल भाई ने बताया कि श्री राजगोपाल पी.व्ही ने देश व विदेश के हजारों युवाओं को शांति व अहिंसा पर प्रशिक्षित कर शांति कार्यकर्ताओं की लम्बी फौज खड़ी की है, जो गांव-गांव में वंचित समुदाय और महिलाओं के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से कार्य कर रहे हैं। एकता परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अनीष कुमार ने कहा कि राजगोपाल जी के सानिध्य में स्थापित एकता परिषद देश के 10 राज्यों में अहिंसात्मक तरीके से वंचित समुदाय के प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित आजीविका के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

श्री राजगोपाल पी.व्ही को निवानो शांति पुरस्कार मिलने पर भोपाल के अंश हैप्पिनेस सोसाइटी के मोहसिन, नीरू दीवाकर, एकता फाउंडेशन ट्रस्ट के जीतेन्द्र शर्मा, मध्यप्रदेश एकता परिषद के प्रांतीय संयोजक डोंगर शर्मा, पूर्व संयोजक दीपक अग्रवाल, राकेश रतन सिंह, श्योपुर के जयसिंह जादौन, रामदत्तसिंह तोमर, बुंदेलखण्ड के संतोष सिंह, मालवा की श्रद्धा कश्‍यप, बघेलखण्ड के निर्भय सिंह, कस्तुरी पटेल, राम बारेला, सरस्वती उइके, ग्वालियर के कुबेर आदिवासी, इन्दर सहरिया, बाबु, सबो बाई और घाटीगांव के राजेलाल आदिवासी आदि ने श्री राजगोपाल जी को शुभकामनाएं और बधाईयां प्रंषित की है। ।

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